उत्तराखंड में गोल्डन कार्ड से इलाज होगा आसान? सरकार बदलने जा रही पैकेज, कर्मचारियों-पेंशनरों से मांगे सुझाव

समीक्षा का आधार उन व्यावहारिक दिक्कतों को बनाया जा रहा है, जिनका सामना लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज के दौरान करना पड़ता है। इलाज से इनकार, कुछ चिकित्सा पैकेज उपलब्ध न होने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगों के बीच अब सुझावों के आधार पर मौजूदा प्रावधानों में संभावित संशोधन पर विचार होगा। फिलहाल बदलावों का अंतिम स्वरूप तय नहीं हुआ है।
उत्तराखंड गोल्डन कार्ड के जरिए कैशलेस इलाज की सुविधा

देहरादून, 26 सितंबर 2026। उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए संचालित गोल्डन कार्ड योजना के इलाज पैकेज की समीक्षा की जा रही है। राज्य स्वास्थ्य योजना (SGHS) के तहत मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में किन बदलावों की जरूरत है, इसे लेकर कर्मचारियों और पेंशनरों से भी सुझाव मांगे जाएंगे।

गोल्डन कार्ड के जरिए सरकारी कर्मचारी, पेंशनर और उनके पात्र आश्रित सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा लेते हैं। हालांकि समय-समय पर कुछ इलाज और चिकित्सा प्रक्रियाओं को लेकर दिक्कतें सामने आती रही हैं।

कर्मचारी और पेंशनर संगठन अस्पतालों में इलाज से इनकार, कुछ चिकित्सा पैकेज उपलब्ध न होने और इलाज से जुड़ी प्रक्रियाओं को और सरल बनाने की मांग उठाते रहे हैं। अब इन्हीं व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए मौजूदा पैकेज की समीक्षा की जा रही है।

समीक्षा के दौरान कर्मचारियों और पेंशनरों से यह जानकारी ली जाएगी कि गोल्डन कार्ड के इस्तेमाल में उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और किन चिकित्सा सुविधाओं या प्रक्रियाओं में बदलाव की जरूरत है।

इन सुझावों को विभागीय स्तर पर देखा जाएगा। इसके बाद तय किया जाएगा कि मौजूदा पैकेज में किन प्रावधानों में संशोधन की जरूरत है और इलाज से जुड़ी व्यवस्था को किस तरह अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकता है।

गोल्डन कार्ड योजना के तहत कैशलेस इलाज की व्यवस्था को लेकर सरकार पहले भी अलग-अलग स्तर पर बदलाव करती रही है। हाल के महीनों में OPD सेवाओं को भी योजना के दायरे में लाने को लेकर प्रस्ताव तैयार करने की बात सामने आई थी।

फिलहाल पैकेज में होने वाले बदलावों का अंतिम स्वरूप तय नहीं हुआ है। कर्मचारियों और पेंशनरों से मिलने वाले सुझावों तथा विभागीय समीक्षा के बाद ही यह साफ होगा कि गोल्डन कार्ड के तहत इलाज की मौजूदा व्यवस्था में क्या-क्या बदलाव किए जाएंगे।

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