देहरादून, 8 जुलाई | उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मानसूनी बारिश तेज रह सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 8 जुलाई को जारी जिला स्तरीय पूर्वानुमान में प्रदेश के कई जिलों के लिए भारी बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र दौर की चेतावनी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन्हीं जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की चेतावनी भी जारी की गई है।
इसके अलावा 9 जुलाई को टिहरी, पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अल्मोड़ा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 8 जुलाई को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। इस दौरान प्रदेश के जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज बारिश के दौर भी देखने को मिल सकते हैं।
10 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र दौर की चेतावनी जारी की गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है।
11 जुलाई को देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 12 जुलाई को बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 8 से 12 जुलाई तक भारी बारिश और तेज बारिश के दौर के चलते संवेदनशील इलाकों में खतरा बढ़ सकता है।
लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और सड़कों के बाधित होने की आशंका है। कहीं-कहीं नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। तेज बारिश के दौरान फिसलन भरी सड़कों और कम दृश्यता के कारण वाहन चलाने में परेशानी हो सकती है।
मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा या अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की ओर जाने वाले यात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लगातार या भारी बारिश के दौरान यात्रा जरूरी होने पर ही करने को कहा गया है। यात्रा के दौरान खड़ी ढलानों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
आकाशीय बिजली की चेतावनी को देखते हुए लोगों से गरज-चमक के दौरान घरों या सुरक्षित पक्के भवनों में रहने की अपील की गई है। पेड़ों के नीचे शरण लेने, नदी-नालों के पास जाने और जलभराव वाले रास्तों से गुजरने से बचने को कहा गया है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करने और कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
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