उत्तराखंड में 10 अगस्त तक बदला रहेगा मौसम, देहरादून और टिहरी में भारी बारिश की चेतावनी

लगातार बारिश का असर केवल मौसम तक सीमित नहीं रहेगा। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, सड़क बाधित होने, जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थितियां यात्रा और दैनिक जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। किन जिलों में सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत है और मौसम विभाग ने क्या सलाह दी है, इसकी पूरी जानकारी आगे पढ़ें।
Waterlogged road in Dehradun after heavy rainfall as vehicles move through flooded streets.

देहरादून, 4 अगस्त। उत्तराखंड में 10 अगस्त तक बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने चार अगस्त को दोपहर 1:30 बजे जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान में 4 से 6 अगस्त तक राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।

मौसम विभाग के अनुसार 4 अगस्त को देहरादून और टिहरी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। दोनों जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और कहीं-कहीं बेहद तेज बारिश होने की भी संभावना है।

उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज बारिश हो सकती है, जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

5 अगस्त को देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

6 अगस्त को देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, बागेश्वर और पौड़ी जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। सात अगस्त को देहरादून, टिहरी और बागेश्वर, जबकि आठ अगस्त को रुद्रप्रयाग, टिहरी और बागेश्वर में भारी बारिश का अनुमान है।

7 से 10 अगस्त के बीच राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पिछले 24 घंटों में मैदानी क्षेत्रों का अधिकतम तापमान सामान्य रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में यह सामान्य से अधिक तक दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने के कारण सड़कें तथा राजमार्ग बाधित होने की आशंका जताई है। नदी-नालों में पानी बढ़ने, निचले क्षेत्रों में जलभराव और कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ की स्थिति भी बन सकती है।

पांच अगस्त सुबह 11:30 बजे तक देहरादून, टिहरी गढ़वाल, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी गढ़वाल के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम स्तर के अचानक बाढ़ के खतरे का अनुमान है। चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को जरूरी होने पर ही यात्रा करने तथा नदी-नालों, खड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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