Uttarakhand Helicopter Crash: 24 घंटे से ज्यादा चला रेस्क्यू अभियान, दुर्गम पहाड़ियों से निकाले गए छह शव

चमोली के ज्योतिर्मठ में हेलीकॉप्टर हादसे के बाद दुर्गम पहाड़ी रास्तों और अंधेरे के बीच बचाव दलों ने सभी छह शवों को निकाला। शवों को एम्स ऋषिकेश भेजने की प्रक्रिया और हादसे की जांच आगे के अहम चरण हैं।
Split-screen image showing rescue personnel carrying covered remains and yellow helicopter wreckage associated with the Uttarakhand Helicopter Crash in Chamoli.

चमोली, 1 नवंबर। उत्तराखंड के चमोली जिले में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद सभी छह मृतकों के शवों को दुर्घटनास्थल से निकाल लिया गया है। शुक्रवार को भारतीय सेना के जवान घटनास्थल तक पहुंच गए थे, लेकिन दुर्गम पहाड़ी रास्तों और अंधेरा होने के कारण शवों को नीचे नहीं लाया जा सका। शनिवार को अन्य बचाव दल भी मौके पर पहुंचे और रातभर चले अभियान के बाद रविवार सुबह तक सभी छह शव ज्योतिर्मठ पहुंचा दिए गए।

शुक्रवार दोपहर बदरीनाथ से देहरादून जा रहा ट्रांस भारत एविएशन का हेलीकॉप्टर ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हाथी पर्वत के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। हादसे में पायलट समेत सभी छह लोगों की मौत हो गई थी। दुर्घटनास्थल ऊंचाई पर स्थित दुर्गम पहाड़ी इलाके में होने के कारण बचाव दलों को वहां पहुंचने और शवों को निकालने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

शनिवार सुबह भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF), स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। जवानों को चट्टानी रास्तों और खड़ी चढ़ाई पार कर घटनास्थल तक पहुंचना पड़ा। शनिवार दोपहर तक बचाव दल मौके पर पहुंच गए और शवों को नीचे लाने का काम शुरू किया गया।

रेस्क्यू अभियान के दौरान अंधेरे और कठिन रास्तों के अलावा जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहा। दुर्घटनास्थल के आसपास हिमालयी भालुओं की मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद बचाव दलों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। इन परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने रातभर अभियान जारी रखा।

बचाव दलों ने सभी छह शवों को पहाड़ी इलाके से निकालकर सड़क मार्ग तक पहुंचाया। इसके बाद शवों को ज्योतिर्मठ लाया गया। रविवार सुबह तक सभी छह शव ज्योतिर्मठ पहुंचा दिए गए थे। प्रशासन की ओर से शवों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए एम्स ऋषिकेश भेजे जाने की जानकारी दी गई है।

हादसे में दिल्ली निवासी पायलट कैप्टन हिमांशु सभरवाल और कर्नाटक के पांच यात्रियों प्रतापा, अरुण सालुंके, वीबी शंकर गौड़ा, सुधीर के. और एचएस नटराजा की मौत हुई थी। पांचों यात्री बदरीनाथ धाम में दर्शन करने के बाद देहरादून लौट रहे थे।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हेलीकॉप्टर दुर्घटना पर दुख जताते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। हादसे के समय क्षेत्र में मौसम खराब था, हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने एहतियात के तौर पर संबंधित कंपनी के हेलीकॉप्टरों की उड़ानों पर रोक लगा दी है।

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