देहरादून | उत्तराखंड में नई खेल नीति तैयार करने की प्रक्रिया में अब आम लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। खेल विभाग जल्द ऑनलाइन माध्यम से सुझाव आमंत्रित करेगा, ताकि खिलाड़ी, खेल विशेषज्ञ, खेल प्रेमी और आम नागरिक अपनी राय सरकार तक पहुंचा सकें।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को विभागीय अधिकारियों के साथ नई खेल नीति को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नीति तैयार करते समय जनभागीदारी को प्राथमिकता दी जाए और ज्यादा से ज्यादा लोगों से सुझाव लिए जाएं।
खेल मंत्री ने कहा कि नई खेल नीति में केंद्र सरकार की खेल नीति के महत्वपूर्ण प्रावधानों को शामिल करने पर भी विचार किया जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखंड के परंपरागत खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। उनका कहना है कि नीति को खिलाड़ियों की जरूरतों, राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों और भविष्य की खेल संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा।
विभाग ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त सुझावों की समीक्षा करेगा। सरकार का कहना है कि जिन सुझावों को उपयुक्त पाया जाएगा, उन्हें नई खेल नीति में शामिल करने पर विचार किया जाएगा। बेहतर और उपयोगी सुझाव देने वाले लोगों को सम्मानित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।
बैठक में खेल विश्वविद्यालय से जुड़ी तैयारियों और खिलाड़ियों के लिए रोजगार संबंधी प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। खेल मंत्री ने अधिकारियों को प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय की तैयारियों में तेजी लाने और 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न रोजगार देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
इससे पहले खेल विभाग की समीक्षा बैठक में 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेता खिलाड़ियों की सरकारी नौकरी से जुड़ी अधिसूचना अगस्त तक जारी करने की समयसीमा तय करने की बात सामने आई थी। विभागीय स्तर पर अब इस प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया जा रहा है।
38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के बाद राज्य सरकार खेल ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसर तैयार करने की दिशा में कई योजनाओं पर काम कर रही है। नई खेल नीति को भी इसी क्रम में राज्य की भावी खेल आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
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