उत्तराखंड में 5 अगस्त तक जारी रहेगी बारिश, इन जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

उत्तराखंड में पांच अगस्त तक मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कई जिलों में बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और फ्लैश फ्लड का खतरा जताते हुए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। आगे पढ़िए...
Uttarakhand Roadways bus and other vehicles travel cautiously on a rain-soaked mountain road amid low clouds and reduced visibility during the monsoon.

देहरादून, 30 जुलाई। उत्तराखंड में पांच अगस्त तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 30 जुलाई की शाम छह बजे जारी पूर्वानुमान में राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के बेहद तेज दौर पड़ने की भी चेतावनी दी गई है।

राज्य के बाकी जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में गरज के साथ बिजली चमकने और बारिश के तेज से बहुत तेज दौर पड़ने की संभावना जताई गई है।

31 जुलाई को पौड़ी, देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों में बिजली चमकने के साथ बारिश के तेज दौर पड़ सकते हैं, जबकि हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज और आकाशीय बिजली की चेतावनी है।

एक अगस्त को देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़ और चंपावत, जबकि दो अगस्त को देहरादून, टिहरी, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल में भारी बारिश की संभावना है। तीन अगस्त को रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 31 जुलाई और एक अगस्त को राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। दो से पांच अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

लगातार बारिश के कारण संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें और राजमार्ग बाधित होने तथा नदियों और नालों के उफान पर आने की आशंका है। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और कुछ स्थानों पर अचानक बाढ़ की संभावना भी जताई है।

मौसम विभाग ने चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है। नदी-नालों, खड़ी ढलानों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने को कहा गया है। 31 जुलाई सुबह 11:30 बजे तक देहरादून, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में कम से मध्यम स्तर के अचानक बाढ़ के खतरे का अनुमान है।

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