देहरादून, 25 जून। उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक पर्वतीय जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 25 जून से 1 जुलाई तक का जिला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, 28 जून से पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश का दायरा बढ़ेगा, जबकि 29 जून को कई पर्वतीय जिलों में बारिश की गतिविधि तेज हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, 25, 26 और 27 जून को राज्य के पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश या गरज के साथ बारिश हो सकती है।
28 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। राज्य के शेष पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
29 जून को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। इसी दिन पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश, आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने 25 और 26 जून को पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना जताई है। 27 और 28 जून के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है।
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29 जून को पिथौरागढ़ और बागेश्वर के अलावा राज्य के शेष पर्वतीय जिलों में भी कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना है। ऐसे में पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति देखकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
30 जून और 1 जुलाई को राज्य के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बारिश हो सकती है। बारिश के तीव्र दौर के दौरान संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका रहती है। पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हो सकते हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं के दौरान घरों के अंदर रहने, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी है। वाहन चालकों और यात्रा करने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है।
विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक उत्तराखंड में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।




