उत्तरकाशी, 10 अगस्त। उत्तरकाशी जिले में देर रात आए भूकंप के झटकों से कई इलाकों में लोगों की नींद खुल गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार रात 1 बजकर 21 मिनट 34 सेकंड पर आए भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई, जबकि इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर दर्ज की गई।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक भूकंप का केंद्र बड़कोट तहसील के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास बताया गया। झटके उत्तरकाशी, बड़कोट, पुरोला, मोरी, चिन्यालीसौड़ और डुंडा समेत यमुना घाटी के कई इलाकों में महसूस किए गए।
झटके महसूस होते ही कई लोग एहतियात के तौर पर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। अचानक आए भूकंप से कुछ देर के लिए लोगों में डर का माहौल रहा, लेकिन शुरुआती जानकारी में किसी जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
भूकंप के बाद जिला प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों से स्थिति की जानकारी जुटाई। तहसील स्तर के अधिकारियों, पुलिस और राजस्व कर्मियों के जरिए गांवों और कस्बों से नुकसान की रिपोर्ट ली गई। प्रशासन की शुरुआती जांच में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड के मुताबिक भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। ऐसे झटके आसपास के इलाकों में महसूस किए जा सकते हैं, इसलिए प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों से लगातार फीडबैक लिया और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
उत्तरकाशी का बड़ा हिस्सा पर्वतीय और दूरस्थ इलाकों में फैला है। ऐसे में भूकंप के बाद प्रशासन के लिए स्थानीय स्तर पर तुरंत जानकारी जुटाना जरूरी रहा, ताकि किसी गांव, सड़क या भवन को नुकसान हुआ हो तो उसका समय पर पता चल सके।
फिलहाल जिले में स्थिति सामान्य बताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और भूकंप से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की है।
भूकंप के बाद लोगों में दोबारा झटके आने को लेकर भी चिंता बनी रही। प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर निगरानी जारी रखी और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह की क्षति या नई सूचना मिलने पर तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए। जिले के दूरस्थ इलाकों से भी लगातार जानकारी जुटाई जाती रही।
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