उत्तराखंड में मौसम बदलेगा मिजाज, देहरादून-चमोली समेत 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। देहरादून, चमोली समेत कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी हुआ है, लेकिन आखिर किन इलाकों में असर ज्यादा रह सकता है, जानिए।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाके में बारिश और खराब मौसम का दृश्य

उत्तराखंड में आज मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 4 जून के लिए प्रदेश के कई जिलों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि और बिजली चमकने की चेतावनी जारी की है।

IMD के अनुसार, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि, तेज बारिश और 40 से 50 Km प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 Km प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गर्जन के साथ बारिश होने की संभावना है। 4200 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है।

Read also : बदरीनाथ धाम में VIP दर्शन की प्रक्रिया बदली, 1100 रुपये शुल्क तय

राज्य के बाकी जिलों में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। शेष जिलों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट है।

देहरादून में बुधवार को दिनभर धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। मंगलवार शाम हुई बारिश से कुछ राहत जरूर मिली थी, लेकिन बुधवार को फिर गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। आज बारिश होने पर गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की है। आंधी, बिजली और ओलावृष्टि के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने को कहा गया है।

IMD के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों तक प्रदेश के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।

Read also : फीफा(FIFA) वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय मूल के खिलाड़ियों की रहेगी चर्चा