देहरादून, 24 जुलाई। उत्तराखंड में 30 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने 24 जुलाई को दोपहर 1:30 बजे जारी पूर्वानुमान में 27 और 28 जुलाई को कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान भूस्खलन, सड़कें बाधित होने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले क्षेत्रों में जलभराव का खतरा बना रह सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज दौर पड़ने की संभावना है। पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों, जबकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
25 जुलाई को देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग, चमोली और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश का अनुमान है। पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश के तेज दौर पड़ सकते हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमकने की संभावना जताई गई है।
26 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों में बारिश के तेज दौर और आकाशीय बिजली की आशंका है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमक सकती है।
27 जुलाई से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। बागेश्वर जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत और पिथौरागढ़ जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज दौर पड़ने की चेतावनी दी गई है।
28 जुलाई को बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है। राज्य के अन्य जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तेज दौर पड़ने की संभावना है।
सात दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 25 और 26 जुलाई को राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 27 से 30 जुलाई के बीच राज्य के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और चट्टान गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कें और राजमार्ग बाधित हो सकते हैं। नदी-नालों के उफान, निचले इलाकों में जलभराव और कहीं-कहीं अचानक बाढ़ का खतरा भी बना रह सकता है।
27 और 28 जुलाई को लगातार बारिश के कारण बांधों और बैराजों से पानी का निस्सरण बढ़ सकता है। इससे प्रमुख नदियों और उनकी सहायक धाराओं का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। कुछ स्थानों पर बिजली और पानी जैसी जरूरी सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
चारधाम और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। यात्रियों को खड़ी ढलानों, सक्रिय भूस्खलन क्षेत्रों और उफनते नदी-नालों से दूर रहने को कहा गया है।
आकाशीय बिजली के दौरान लोगों को पक्के भवनों में रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। पशुओं को भी खुले स्थानों पर न बांधने को कहा गया है।
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