रोशनाबाद से बिहारीगढ़ तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे, हरिद्वार में जाम और पर्यटन को मिल सकती है राहत

हरिद्वार में बढ़ते यातायात दबाव के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे से शहर के भीतर वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है। परियोजना में कौन-कौन से ढांचागत प्रावधान शामिल हैं और इससे किन क्षेत्रों को सबसे अधिक फायदा मिल सकता है, पूरी जानकारी खबर में पढ़ें।
Modern four-lane highway representing the proposed Roshanabad to Biharigarh greenfield highway project.

देहरादून। हरिद्वार में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए रोशनाबाद से बिहारीगढ़ तक नया फोरलेन ग्रीनफील्ड हाईवे प्रस्तावित है। परियोजना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, यह हाईवे करीब 30.40 किलोमीटर लंबा होगा और इसके निर्माण पर लगभग 1,250 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह प्रस्तावित हाईवे हरिद्वार के रोशनाबाद क्षेत्र से शुरू होकर उत्तर प्रदेश सीमा के नजदीक बिहारीगढ़ क्षेत्र तक जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य हरिद्वार शहर के भीतर वाहनों के दबाव को कम करना और दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से बेहतर संपर्क उपलब्ध कराना है। इससे हरिद्वार, सिडकुल और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

हरिद्वार उत्तर भारत का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, स्नान पर्वों, सप्ताहांत पर्यटन और औद्योगिक आवाजाही के कारण यहां सालभर वाहनों का दबाव बना रहता है। कई बार बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को शहर के भीतर से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे प्रमुख चौराहों और मार्गों पर जाम की स्थिति बन जाती है।

ग्रीनफील्ड हाईवे बनने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की ओर से आने वाले कई वाहनों को हरिद्वार शहर में प्रवेश किए बिना आगे बढ़ने का वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा। इससे स्थानीय लोगों, यात्रियों और पर्यटकों को राहत मिलने की संभावना है। धार्मिक आयोजनों और यात्रा सीजन के दौरान भी यातायात प्रबंधन पहले की तुलना में आसान हो सकता है।

यह भी पढ़ें: एक जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा, 36 पेज के नए पासपोर्ट की फीस 2,500 रुपये हुई

मौजूदा समय में रोशनाबाद से बिहारीगढ़ की ओर जाने वाला मार्ग कई आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है। सीमित चौड़ाई और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण इन इलाकों में अक्सर जाम की समस्या रहती है। नए ग्रीनफील्ड हाईवे को मौजूदा सड़क के विस्तार के बजाय नई भूमि पर विकसित करने की योजना बताई जा रही है, जिससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित हो सकेगा।

प्रस्तावित योजना के तहत, इस परियोजना में स्थानीय आवाजाही को ध्यान में रखते हुए 7 अंडरपास और 9 बड़े पुल प्रस्तावित हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों और स्थानीय यातायात को भी सुविधा मिल सकती है। हाईवे के बनने से होटल, व्यापार, परिवहन, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें: कर्णप्रयाग विवाद के बाद उत्तराखंड में सुरक्षा कड़ी, कुल्हाल सीमा पर निगरानी तेज

हर दिन की अहम खबरें, जनहित के मुद्दों और जरूरी अपडेट का सीधा रैबार। राज्य, नीति, विकास, प्रशासन, विकास, मौसम, स्वास्थ्य और स्थानीय घटनाओं से जुड़ी खबरें।