मसूरी में वीकेंड पर बढ़ी पर्यटकों की आवाजाही, दो किमी का सफर तय करने में लगे डेढ़ से दो घंटे

वीकेंड पर मसूरी में पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण शहर के कई हिस्सों में घंटों जाम की स्थिति बनी रही। बढ़ती आवाजाही ने एक बार फिर पहाड़ी पर्यटन स्थलों में ट्रैफिक, पार्किंग और शहरी व्यवस्थाओं की चुनौतियों को सामने ला दिया।
Weekend traffic congestion on a road in Mussoorie, Uttarakhand

देहरादून/मसूरी। वीकेंड पर मसूरी एक बार फिर पर्यटकों से सराबोर नजर आई। शहर में सुबह से ही वाहनों का दबाव बढ़ना शुरू हो गया था और देर रात तक कई जगह गाड़ियां रेंगती रहीं। सबसे ज्यादा परेशानी किंक्रेग से लाइब्रेरी बाजार के गांधी चौक तक देखने को मिली, जहां करीब दो किलोमीटर की दूरी तय करने में डेढ़ से दो घंटे तक लग गए।

गांधी चौक से जीरो प्वाइंट कैंपटी रोड तक भी वाहनों की लंबी कतारें बनी रहीं। करीब दो किलोमीटर का यह रास्ता तय करने में कई लोगों को एक घंटे तक का समय लगा। माल रोड पर गांधी चौक से अंबेडकर चौक तक दिनभर जाम की स्थिति रही। मसूरी-देहरादून मार्ग पर कोल्हूखेत ईको बैरियर के पास भी रुक-रुककर जाम लगता रहा।

पर्यटकों की भीड़ का असर मसूरी के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी दिखा। भट्टा फॉल, कैंपटी फॉल, गनहिल, चार दुकान, लाल टिब्बा, कंपनी गार्डन और जॉर्ज एवरेस्ट में दिनभर सैलानियों की आवाजाही बनी रही। लाल टिब्बा और चार दुकान जाने वाले मार्ग पर भी वाहन धीमी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे। मसूरी-कैंपटी मार्ग और मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर भी पूरे दिन यातायात का दबाव रहा।

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पर्यटन कारोबार के लिहाज से यह वीकेंड होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के लिए अच्छा रहा। मसूरी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल के अनुसार, शाम तक मसूरी के होटलों और गेस्ट हाउसों में 95 से 100 प्रतिशत तक ऑक्युपेंसी हो चुकी थी। बिना पहले से बुकिंग किए पहुंचे कई पर्यटकों को ठहरने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा।

भीड़ के कारण शहर के रेस्तरां में भी दबाव बढ़ गया। लाइब्रेरी बाजार के प्रमुख रेस्तरां में पर्यटकों को रात के भोजन के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। माल रोड, कुलड़ी बाजार और लाइब्रेरी बाजार में देर रात तक पर्यटकों की चहल-पहल बनी रही।

यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस का मुख्य फोकस किंक्रेग, गांधी चौक और जीरो प्वाइंट कैंपटी रोड पर रहा, लेकिन वाहनों की संख्या अधिक होने के कारण जाम से पूरी राहत नहीं मिल पाई। स्थानीय स्तर पर सरकुलर रोड पर पार्किंग की अनुमति को भी परेशानी की वजह माना जा रहा है, क्योंकि सड़क कम चौड़ी होने से दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।

भीड़ के साथ शहर में सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठे। लाइब्रेरी-किंक्रेग मार्ग सहित कई जगह प्लास्टिक, पानी की बोतलें और कचरा फैला नजर आया। कुछ स्थानों पर सड़क पर बहता सीवर भी लोगों के लिए परेशानी बना। स्थानीय लोगों का कहना है कि वीकेंड और पर्यटन सीजन में मसूरी में ट्रैफिक, पार्किंग और सफाई व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी न झेलनी पड़े।

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