रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम और पैदल यात्रा मार्ग को स्वच्छ रखने के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियान में 10 दिनों के भीतर 9.5 टन से अधिक ठोस अपशिष्ट एकत्र किया गया है। 18 जून से 27 जून तक धाम और यात्रा मार्ग से 2,332 बैगों में कुल 9,549 किलोग्राम कूड़ा नीचे लाया गया।
यह अभियान जिला प्रशासन, सुलभ इंटरनेशनल और नगर पंचायत केदारनाथ के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा है। अभियान के तहत केदारनाथ धाम, पैदल मार्ग और आसपास के क्षेत्रों से प्लास्टिक, बोतलें और अन्य ठोस अपशिष्ट एकत्र किया जा रहा है।
एकत्र किए गए कूड़े को धाम और पैदल मार्ग से नीचे लाकर गौरीकुंड में संकलित किया गया। इसके बाद सोनप्रयाग स्थित कॉम्पेक्टर के माध्यम से उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ धाम की स्वच्छता और प्राकृतिक सौंदर्य बनाए रखना प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने कहा कि केदारनाथ धाम की पवित्रता और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए नियमित सफाई अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से भी धाम और यात्रा मार्ग को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग की अपील की।
केदारनाथ धाम उच्च हिमालयी और पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यात्रा सीजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से ठोस कूड़े का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में कूड़े का समय पर संग्रह, परिवहन और सुरक्षित निस्तारण बेहद जरूरी हो जाता है।
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अभियान में तैनात पर्यावरण मित्र रोजाना पैदल मार्ग और धाम क्षेत्र से कूड़ा एकत्र कर रहे हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई के बावजूद कूड़े को व्यवस्थित तरीके से नीचे लाया जा रहा है, ताकि धाम क्षेत्र में कचरे का दबाव न बढ़े।
यात्रा मार्ग पर कूड़ा प्रबंधन हमेशा बड़ी चुनौती रहा है। प्लास्टिक और अन्य ठोस अपशिष्ट हिमालयी पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसलिए प्रशासन की ओर से कचरे को खुले में फेंकने के बजाय तय स्थानों पर जमा करने की अपील की जा रही है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से कहा है कि वे यात्रा के दौरान प्लास्टिक बोतलें, पैकिंग सामग्री और अन्य कचरा खुले में न फेंकें। धाम और पैदल मार्ग की स्वच्छता बनाए रखने में यात्रियों की भूमिका भी अहम है।
केदारनाथ में यह सफाई अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि यात्रा के दौरान धाम क्षेत्र स्वच्छ रहे और हिमालयी पर्यावरण पर कूड़े का दबाव कम किया जा सके।
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