देहरादून। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून राज्य के कुछ हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके साथ ही प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने 29 जून से 5 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। कई दिनों तक अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।
29 जून को देहरादून, टिहरी, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। राज्य के बाकी जिलों में भी कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन की संभावना है।
30 जून को प्रदेश के जिलों में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। वहीं 1 जुलाई को देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश हो सकती है। राज्य के शेष जिलों में भी अनेक स्थानों पर बारिश के आसार हैं।
मौसम विभाग ने 29 जून को देहरादून, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है। 30 जून को पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
1 जुलाई को देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसी दिन टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।
2 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है।
3 जुलाई को नैनीताल, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान राज्य के पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर चलने के आसार हैं।
यह भी पढ़ें: पिथौरागढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद, यूपीसीएल ने कई दुकानों के बिजली कनेक्शन काटे
बारिश के साथ कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कुछ स्थानों पर गरज, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क और राजमार्ग बाधित होने, नालों और छोटी नदियों के उफान तथा निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। कुछ स्थानों पर बिजली, पानी और परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लगातार या भारी बारिश के दौरान यात्रा केवल जरूरी होने पर ही करें। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, खड़ी ढलानों और नदी-नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग ने लोगों से गरज और आकाशीय बिजली के दौरान घरों के भीतर रहने, पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की अपील की है। पशुओं को खुले में न बांधने और वाहन चालकों को पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से चलने की सलाह दी गई है।
प्रदेश में तापमान को लेकर भी राहत के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों के दौरान उत्तराखंड में अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। पिछले 24 घंटों में मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य दर्ज किया गया।
यह भी पढ़ें: आयरलैंड ने भारत को 1 रन से हराकर रचा इतिहास, टी-20 सीरीज 2-0 से अपने नाम की




