पिथौरागढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर विवाद, यूपीसीएल ने कई दुकानों के बिजली कनेक्शन काटे

तकनीकी बदलावों का उद्देश्य व्यवस्था को बेहतर बनाना हो सकता है, लेकिन उनकी स्वीकार्यता इस बात पर भी निर्भर करती है कि लोगों की शंकाओं को कितनी गंभीरता से सुना जाता है। पिथौरागढ़ में उभरे हालिया घटनाक्रम ने इसी सवाल को फिर सामने ला दिया है। जानिए पूरा घटनाक्रम।
A representative image showing electricity transmission infrastructure and a consumer electricity bill.

पिथौरागढ़। नगर में स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर यूपीसीएल और व्यापारियों के बीच विवाद बढ़ गया है। स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध करने पर यूपीसीएल ने कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों के बिजली कनेक्शन काट दिए। कार्रवाई के बाद व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई है।

शनिवार को यूपीसीएल की टीम पुराना बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में व्यापारिक प्रतिष्ठानों में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची थी। इस दौरान कई व्यापारियों ने मीटर लगाने का विरोध किया। विरोध के बीच यूपीसीएल की टीम और व्यापारियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।

व्यापारियों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना दुकानों में स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले हुई बैठक में यह बात कही गई थी कि व्यापार संघ और होटल एसोसिएशन की सहमति के बिना स्मार्ट मीटर नहीं लगाए जाएंगे। इसके बावजूद विभाग दुकानों में मीटर लगाने की कार्रवाई कर रहा है।

व्यापारियों ने यूपीसीएल की कार्रवाई को गलत बताया है। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं की आशंकाएं दूर किए बिना इस तरह से कनेक्शन काटना ठीक नहीं है। व्यापारियों ने मांग की है कि पहले स्मार्ट मीटर की बिलिंग, रिचार्ज, खपत और शिकायत निवारण की प्रक्रिया साफ तौर पर समझाई जाए।

मामले में व्यापार संघ भी व्यापारियों के समर्थन में आ गया है। व्यापार संघ अध्यक्ष तपन रावत ने कहा कि यदि जबरन स्मार्ट मीटर लगाने और कनेक्शन काटने की कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो व्यापारी बाजार बंद कर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर व्यापारियों और कारोबार से जुड़े संगठनों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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दूसरी ओर, यूपीसीएल का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया नियमों के तहत की जा रही है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार के गजट के बाद जिन क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है, वहां शत-प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। इसी आधार पर स्मार्ट मीटर न लगवाने वाले उपभोक्ताओं पर कार्रवाई की जा रही है।

यूपीसीएल का कहना है कि स्मार्ट मीटर बिजली व्यवस्था को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में जरूरी कदम है। विभाग के अनुसार, इससे उपभोक्ताओं को बिजली खपत की जानकारी बेहतर तरीके से मिल सकेगी और बिलिंग व्यवस्था में भी सुधार होगा।

फिलहाल पिथौरागढ़ में स्मार्ट मीटर का मामला यूपीसीएल और व्यापारियों के बीच टकराव की स्थिति में पहुंच गया है। सोमवार को बाजार बंद की चेतावनी के बाद अब प्रशासन और विभाग की भूमिका पर नजर रहेगी। विवाद बातचीत से सुलझता है या आंदोलन आगे बढ़ता है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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