चमोली टनल हादसा: 7 श्रमिकों की मौत, 3 अब भी अंदर फंसे हुए; मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर लिया रेस्क्यू का जायजा

पानी और मलबे के बीच बचाव टीमें सावधानी से आगे बढ़ रही हैं। घायल श्रमिकों का इलाज और राज्यों के बीच समन्वय भी जारी है। रेस्क्यू की सबसे बड़ी चुनौती क्या है? पूरी जानकारी पढ़ें।
Rescue teams, ambulances and security personnel outside the tunnel during the Chamoli accident response.

चमोली, 14 अगस्त। 13 अगस्त शाम को पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे में अब तक 7 श्रमिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 3 श्रमिक अभी भी अंदर फंसे हुए हैं। शुक्रवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी घटनास्थल पहुंचे और राहत-बचाव अभियान की स्थिति का जायजा लिया।

टनल के भीतर बड़ी मात्रा में पानी और मलबा जमा होने से रेस्क्यू में मुश्किल आ रही है। NDRF, SDRF, ITBP, राज्य आपदा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन समेत अन्य एजेंसियों की टीमें अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने में जुटी हुई हैं।

हादसे के बाद टनल से बाहर निकाले गए घायल श्रमिकों का इलाज कराया जा रहा है। बचाव अभियान में मशीनों और अन्य जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालने को पहली प्राथमिकता बताया है।

राज्य मंत्री भारत सिंह चौधरी गुरुवार से घटनास्थल पर मौजूद हैं। प्रशासन और राहत एजेंसियों के अधिकारी मौके पर रहकर बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं।

टनल में काम कर रहे श्रमिकों में छत्तीसगढ़ और झारखंड के लोग भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री धामी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत कर हादसे और राहत-बचाव कार्य के बारे में जानकारी दी है।

हादसा चमोली के मायापुर-पीपलकोटी क्षेत्र में THDC की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ। गुरुवार शाम अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा टनल के भीतर आ गया, जिससे वहां काम कर रहे श्रमिक फंस गए।

घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर अभियान शुरू किया। रातभर टनल से श्रमिकों को बाहर निकालने का काम चलता रहा और बचाए गए लोगों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

अब रेस्क्यू टीमों का पूरा ध्यान तीन फंसे श्रमिकों तक पहुंचने पर है। टनल में मौजूद पानी और मलबे के बीच टीमें सावधानी के साथ आगे बढ़ रही हैं और बचाव अभियान लगातार जारी है।

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