चमोली में टनल धंसने से बड़ा हादसा: 7 श्रमिकों की मौत, कई अब भी लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

बचाव अभियान में NDRF, SDRF, पुलिस, ITBP और भारतीय सेना समेत कई एजेंसियां एक साथ काम कर रही हैं। सुरंग के अंदर संभावित स्थानों पर तलाश के साथ मलबा हटाने के लिए मशीनरी लगाई गई है, जबकि बाहर निकाले गए कुछ श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाया गया है। अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए अभियान किस तरह आगे बढ़ाया जा रहा है? पूरी जानकारी पढ़ें।
Rescue activity outside the THDC tunnel in Chamoli and a worker receiving treatment after the incident.

चमोली, 14 अगस्त। उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी (मायापुर) क्षेत्र में THDC की निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की सुरंग में पानी और मलबा घुसने से हुए हादसे में 7 श्रमिकों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया। अब तक 16 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि अन्य लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं।

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि यह सुरंग THDC की जलविद्युत परियोजना के लिए निर्माणाधीन है। शाम करीब 6:30 से 6:45 बजे के बीच सुरंग के अंदर अचानक बड़ी मात्रा में पानी और मलबा भर गया। उस समय शिफ्ट में काम कर रहे श्रमिक इसकी चपेट में आ गए और कुछ लोग सुरंग के अंदर फंस गए।

घटना के बाद NDRF, SDRF, पुलिस, ITBP, भारतीय सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचाव दल सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों तक पहुंचने के लिए मलबा हटाने और संभावित स्थानों पर तलाश करने का काम कर रहे हैं। रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आवश्यक मशीनरी भी मौके पर लगाई गई है।

सुरंग से बाहर निकाले गए कुछ श्रमिकों को उपचार के लिए जिला अस्पताल चमोली पहुंचाया गया है। प्रशासन ने अस्पताल में भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा मिल सके।

जिलाधिकारी गौरव कुमार मौके पर मौजूद रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं और प्राथमिकता सुरंग में मौजूद सभी श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना है।

प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और बचाव अभियान में शामिल टीमों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सुरंग के अंदर की स्थिति को देखते हुए अभियान सावधानी के साथ चलाया जा रहा है और सभी संभावित स्थानों पर तलाश जारी है।

परियोजना स्थल पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार सुरंग के अंदर हालात की लगातार निगरानी की जा रही है। बचाव टीमों को सुरक्षित तरीके से अंदर भेजने और बाहर निकालने की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह का अतिरिक्त जोखिम न हो।

घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में भी प्रशासनिक टीमें सक्रिय कर दी गई हैं। जिला प्रशासन की ओर से स्थिति की जानकारी लगातार उच्च अधिकारियों को दी जा रही है और राहत-बचाव अभियान से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

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