उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय, 5 दिन भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी

मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद उत्तराखंड में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। भारी बारिश के साथ भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी जैसी स्थितियां भी सामने आ सकती हैं। किन जिलों के लिए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है और लोगों को क्या सलाह दी गई है, जानिए।
Waterlogged road in Dehradun after heavy rainfall as vehicles move through flooded streets.

देहरादून। उत्तराखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, मानसून ने 1 जुलाई 2026 को पूरे उत्तराखंड राज्य को कवर कर लिया। इसके बाद प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून की ओर से 2 जुलाई को सुबह 9:30 बजे जारी जनपद-स्तरीय पूर्वानुमान में राज्य के कई जिलों के लिए भारी बारिश, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र दौर की चेतावनी जारी की गई है। पूर्वानुमान के अनुसार, 2 से 7 जुलाई तक उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 8 जुलाई को राज्य के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

2 जुलाई को देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पर्वतीय जिलों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और बारिश के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की भी आशंका है।

3 जुलाई को नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पर्वतीय जिलों में गरज, आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।

4 जुलाई को पौड़ी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। 5 जुलाई को देहरादून, चमोली, चम्पावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 6 जुलाई को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।

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मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका जताई है। पहाड़ी क्षेत्रों में कहीं-कहीं सड़कों और राजमार्गों पर बाधा आ सकती है। छोटी नदियों और नालों में अचानक पानी बढ़ सकता है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

2 और 3 जुलाई को कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लगातार या भारी बारिश के दौरान यात्रा केवल जरूरी होने पर ही करने को कहा गया है।

मौसम विभाग ने लोगों से गरज और आकाशीय बिजली के दौरान घरों के अंदर रहने, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने और पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की अपील की है। बिजली संचालित वस्तुओं से दूरी बनाए रखने, पशुओं को खुले में न बांधने और वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करने की सलाह भी दी गई है।

फिलहाल मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद उत्तराखंड में मौसम के लिहाज से अगले कुछ दिन संवेदनशील रह सकते हैं। ऐसे में प्रशासन के साथ आम लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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