दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बारिश के बाद धंसी सड़क, वाहनों को नुकसान

मानसून के दौरान बड़े आधारभूत ढांचा प्रोजेक्ट्स की वास्तविक परीक्षा शुरू होती है। ऐसे में एक्सप्रेसवे पर सामने आई इस घटना ने पूर्व-मानसून निरीक्षण, निगरानी व्यवस्था और दीर्घकालिक रखरखाव तंत्र की प्रभावशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
Damaged section of the Delhi-Dehradun Expressway showing a road cave-in after rainfall.

शामली/देहरादून। देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर पहली तेज बारिश में ही सड़क का एक हिस्सा धंसने का मामला सामने आया है। सड़क धंसने से कई वाहन प्रभावित हुए और कुछ वाहनों के रिम तक टूट गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

घटना शामली जिले में एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर हुई। वीडियो में सड़क का हिस्सा धंसा हुआ दिखाई दे रहा है। इस दौरान कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हुए और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पहली तेज बारिश में सड़क के इस हाल पर नाराजगी जताई।

एनएचएआई(NHAI)के स्पष्टीकरण के अनुसार, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के किमी 55+480 पर एक जुलाई 2026 को सड़क धंसने की स्थिति देखी गई थी। एजेंसी ने इसका कारण पिछली रात हुई बारिश के बाद स्थानीय स्तर पर पानी भरना और उस स्थान पर स्थायी क्रॉस-ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह चालू न हो पाना बताया है।

एनएचएआई का कहना है कि प्रभावित हिस्से की प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई गई और यातायात को सुरक्षित रूप से जारी रखने की व्यवस्था की गई। एजेंसी ने यह भी कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा को गंभीरता से लिया गया है और भविष्य में ऐसी स्थिति रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

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घटना पर सवाल उठने के बाद एनएचएआई ने कार्रवाई भी शुरू की है। परियोजना निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि अथॉरिटी इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया है। साथ ही, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को उत्तराखंड और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के बीच तेज कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम परियोजना माना जाता है। ऐसे में बारिश के बाद सड़क धंसने की घटना ने यात्रियों की सुरक्षा और सड़क रखरखाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल प्रभावित हिस्से की मरम्मत कर दी गई है, लेकिन वायरल वीडियो के बाद इस मामले पर लोगों की नजर बनी हुई है।

एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट में बारिश के दौरान जलनिकासी व्यवस्था की भूमिका बेहद अहम होती है। सड़क पर पानी रुकने से न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि सड़क की मजबूती पर भी असर पड़ सकता है। यही वजह है कि इस घटना के बाद ड्रेनेज सिस्टम, नियमित निरीक्षण और मानसून से पहले तैयारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

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