मसूरी। मसूरी में पर्यटन सीजन के दौरान लगने वाले जाम को कम करने के लिए प्रस्तावित रोपवे नेटवर्क की कवायद तेज हो गई है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों के साथ मसूरी में रोपवे योजना के चयनित स्थलों का स्थलीय निरीक्षण किया।
मसूरी में यूके मेट्रो कॉरपोरेशन के माध्यम से रोपवे योजना का सर्वे किया जा रहा है। इसी क्रम में आवास सचिव ने एसडीएम मसूरी, नगर पालिका और यूके मेट्रो कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ अलग-अलग प्रस्तावित स्थलों की स्थिति देखी। निरीक्षण का उद्देश्य रोपवे के एलाइन्मेंट और टर्मिनल स्थलों की व्यवहार्यता को समझना था।
प्रस्तावित रोपवे नेटवर्क की कुल लंबाई करीब 11.7 किलोमीटर बताई गई है। इसमें किंक्रेग पार्किंग से जीएमवीएन क्षेत्र को जोड़ने के साथ लाइब्रेरी चौक, जॉर्ज एवरेस्ट, लाल टिब्बा, कैमलबैक रोड और कैंपटी फॉल जैसे प्रमुख पड़ावों को शामिल करने की योजना है।
निरीक्षण के दौरान किंक्रेग मल्टीलेवल पार्किंग से गढ़वाल टैरेस को जोड़ने की संभावना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार, गढ़वाल टैरेस का स्थान चिक चॉकलेट क्षेत्र की तुलना में अधिक उपयुक्त माना जा रहा है। यहां खुली जगह उपलब्ध है और भूमि जीएमवीएन की बताई गई है, जबकि चिक चॉकलेट क्षेत्र संकरा और भीड़भाड़ वाला है।
इसके बाद कैमलबैक रोड स्थित ईएसआई अस्पताल क्षेत्र का निरीक्षण किया गया। यहां से जॉर्ज एवरेस्ट और लाल टिब्बा के लिए रोपवे की संभावना देखी गई। इसके अलावा नाहटा स्टेट, चार दुकान, हाईलैंड, अटल उद्यान कंपनी बाग, भद्राज और कैंपटी फॉल से जुड़े प्रस्तावित हिस्सों पर भी अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मसूरी में रोपवे योजना को लेकर सर्वे किया जा रहा है। इस संबंध में स्थानीय हितधारकों से भी बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि रोपवे का एलाइन्मेंट जांचने के लिए स्थलों का निरीक्षण किया गया है और पूर्व में भी सर्वे हो चुका है।
मसूरी में वीकेंड, छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान वाहनों का दबाव काफी बढ़ जाता है। किंक्रेग, लाइब्रेरी चौक, माल रोड, जॉर्ज एवरेस्ट और कैंपटी फॉल मार्ग पर जाम की स्थिति आम रहती है। प्रस्तावित रोपवे नेटवर्क का उद्देश्य इन प्रमुख पर्यटन स्थलों तक आवाजाही आसान करना और सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना है।
आवास विभाग प्रदेश में पार्किंग व्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। विभाग के अनुसार, राज्यभर में 54 स्थानों पर पार्किंग विकसित करने का लक्ष्य है, जिनमें 25 से अधिक स्थानों पर पार्किंग विकसित की जा चुकी है। मसूरी जैसे पर्यटन शहरों में पार्किंग और रोपवे को साथ लेकर चलने से यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल योजना सर्वे, निरीक्षण और एलाइन्मेंट जांच के चरण में है। संबंधित विभाग भूमि, तकनीकी व्यवहार्यता, स्थानीय सुझावों और पर्यावरणीय पहलुओं को देखते हुए आगे की प्रक्रिया तय करेंगे।
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