चंपावत। चंपावत जिले के लोहाघाट में स्थापित महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के पहले शैक्षिक सत्र के लिए 30 बालिका खिलाड़ियों का चयन किया गया है। चयन कक्षा छह में प्रवेश के लिए हुआ है। पहले सत्र में बालिकाओं को एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और बैडमिंटन खेलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या के अनुसार, लोहाघाट में स्थापित यह देश का पहला समर्पित महिला स्पोर्ट्स कॉलेज है। पहले बैच का प्रवेश परिणाम जारी होने के बाद उन्होंने चयनित छात्राओं और उनके अभिभावकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उत्तराखंड की बेटियों के लिए खेलों में आगे बढ़ने का बड़ा अवसर है।
महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार शर्मा के अनुसार, चयनित खिलाड़ियों को कॉल लेटर भेजे जा रहे हैं। प्रशिक्षण शिविर 17 जुलाई से प्रस्तावित है। इसके बाद चयनित बालिकाओं की नियमित पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
पहले बैच में चयनित बालिकाओं को तीन खेलों के लिए चुना गया है। इनमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग और बैडमिंटन शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में खिलाड़ियों के प्रदर्शन और निर्धारित मानकों के आधार पर प्रवेश दिया गया है।
चंपावत जिले से भी नौ बालिकाओं का चयन हुआ है। एथलेटिक्स में इशिका जोशी, अंकिता और समाईरा महरा का चयन हुआ है। बॉक्सिंग में वाहिनी डुंगरिया, वंशिका फर्त्याल और भूमि ने जगह बनाई है। बैडमिंटन में आराध्या वर्मा, भाविका अधिकारी और तपस्या मुरारी चयनित हुई हैं।
अन्य जिलों से भी बालिकाओं को पहले बैच में जगह मिली है। एथलेटिक्स में पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, चमोली, पौड़ी गढ़वाल और देहरादून की बालिकाएं चयनित हुई हैं। बॉक्सिंग में देहरादून, पिथौरागढ़, पौड़ी गढ़वाल और अल्मोड़ा की खिलाड़ियों का चयन हुआ है। बैडमिंटन में बागेश्वर, अल्मोड़ा, देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर की बालिकाओं को जगह मिली है।
लोहाघाट महिला स्पोर्ट्स कॉलेज को राज्य में महिला खिलाड़ियों के लिए शिक्षा और खेल प्रशिक्षण को एक साथ आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यहां बालिकाओं को आवासीय व्यवस्था के साथ पढ़ाई, अनुशासन, खेल प्रशिक्षण और प्रतियोगी माहौल उपलब्ध कराने की तैयारी है।
सरकार का उद्देश्य पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाशाली बालिकाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कई बार संसाधनों की कमी और प्रशिक्षण केंद्रों की दूरी के कारण बालिकाएं आगे नहीं बढ़ पातीं। ऐसे में लोहाघाट का यह संस्थान राज्य की बेटियों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।
कॉलेज परिसर में खेल और शैक्षणिक सुविधाओं को विकसित किया जा रहा है। पहले सत्र में तीन खेलों से शुरुआत की जा रही है, जबकि आगे सुविधाओं और प्रशिक्षण व्यवस्था के विस्तार के साथ अन्य खेलों को भी जोड़ने की योजना है।
पहले बैच के चयन के साथ कॉलेज के संचालन की दिशा में बड़ा कदम पूरा हो गया है। अब चयनित बालिकाओं के प्रवेश, प्रशिक्षण शिविर और नियमित सत्र को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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