टिहरी के कद्दूखाल में NH-707A के पास भूस्खलन, खाली भवन क्षतिग्रस्त

भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही रेस्टोरेंट, खोखे और श्रमिक शेल्टर खाली करा दिए थे। शुरुआती जांच में होटल निर्माण के लिए हो रही खुदाई को संभावित कारण माना गया है, जबकि विस्तृत जांच जारी है।
A landslide near NH-707A at Kaddookhal in Tehri Garhwal damaged a vacant building and caused slope failure beside nearby structures.

टिहरी गढ़वाल, 9 जुलाई। टिहरी गढ़वाल जिले के कद्दूखाल में राष्ट्रीय राजमार्ग-707A के पास भूस्खलन की घटना सामने आई है। भूस्खलन दुकानों के नजदीक हुआ, जिससे एक पुराना खाली भवन क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी तरह की जनहानि या पशुहानि की सूचना नहीं है।

जिला आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार खतरे की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र को पहले ही खाली करा लिया गया था। भूस्खलन से पहले जोखिम की जद में आ रहे दो रेस्टोरेंट, सड़क किनारे बने खोखे और श्रमिकों के अस्थायी शेल्टर खाली करा दिए गए थे। समय रहते क्षेत्र खाली कराए जाने से बड़ा हादसा टल गया।

घटना के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने मौके की स्थिति का जायजा लिया। आसपास के हिस्सों को संवेदनशील मानते हुए लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को क्षेत्र की निगरानी बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट के अनुसार प्रारंभिक जांच में एक व्यक्ति द्वारा होटल निर्माण के लिए कराई जा रही खुदाई को भूस्खलन की वजह बताया गया है। हालांकि, इस संबंध में आगे की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही यह साफ होगा कि निर्माण कार्य में नियमों का पालन हुआ था या नहीं और प्रशासनिक कार्रवाई किस स्तर पर की जाएगी।

कद्दूखाल क्षेत्र में हुई यह घटना बरसात के मौसम में पहाड़ी ढलानों की संवेदनशीलता को एक बार फिर सामने लाती है। पहाड़ों में सड़क किनारे निर्माण, कटान और लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर मिट्टी और चट्टानों के खिसकने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचे, दुकानें और निर्माणाधीन स्थल ज्यादा जोखिम में आ सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, ढलानों और कमजोर पहाड़ी हिस्सों के पास अनावश्यक रूप से न रुकें। किसी भी तरह की दरार, मलबा गिरने या जमीन धंसने जैसी स्थिति दिखाई देने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन या आपदा प्रबंधन विभाग को सूचना दें।

फिलहाल कद्दूखाल में प्रभावित हिस्से पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है और जरूरत पड़ने पर आसपास के अन्य संवेदनशील हिस्सों को भी खाली कराया जा सकता है।

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