EPFO CITES 2.01 Update: अलग-अलग पोर्टल पर निर्भरता होगी कम, एक जगह मिलेंगी कई PF सेवाएं

अलग-अलग EPFO पोर्टल और जटिल प्रक्रियाओं पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सकती है। नए डिजिटल सिस्टम का उद्देश्य PF क्लेम, पासबुक, UAN और अन्य सदस्य सेवाओं को अधिक तेज, पारदर्शी और एकीकृत बनाना है। जानिए, यह बदलाव कर्मचारियों और EPF सदस्यों के लिए क्या मायने रखता है।
An employee using the EPFO CITES 2.01 Unified Member Portal on a desktop computer while completing Face Authentication on a smartphone.

नई दिल्ली। PF क्लेम करना हो, पासबुक देखनी हो, UAN से जुड़ी जानकारी हासिल करनी हो या सदस्य सेवाओं का स्टेटस ट्रैक करना हो, अब EPFO की डिजिटल सेवाओं में बड़ा बदलाव दिखाई देने लगा है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO अपने CITES 2.01 डिजिटल अपग्रेड के तहत सदस्य सेवाओं को अधिक केंद्रीकृत, तेज और यूजर-फ्रेंडली बनाने की दिशा में काम कर रहा है।

इस बदलाव को कई जगह EPFO 3.0 अपडेट के रूप में भी बताया जा रहा है, लेकिन इसका आधिकारिक तकनीकी नाम Centralised IT Enabled Services यानी CITES 2.01 है। PIB के अनुसार यह पहल EPFO के डिजिटल इकोसिस्टम को अपग्रेड करने और विकेंद्रीकृत डेटाबेस से केंद्रीकृत सिस्टम की ओर ले जाने के लिए विकसित की जा रही है।

नए सिस्टम का बड़ा उद्देश्य यह है कि EPFO सेवाओं के लिए सदस्य अलग-अलग पोर्टल और जटिल प्रक्रियाओं पर कम निर्भर रहें। CITES 2.01 के तहत क्लेम सेटलमेंट, पेमेंट, सदस्य जानकारी और ऑनलाइन सेवा प्रक्रिया को एकीकृत ढांचे में लाने की तैयारी है। इससे सदस्य सेवाओं में पारदर्शिता, ऑटोमेशन और गति बढ़ने की उम्मीद है।

CITES 2.01 के तहत करीब 34 करोड़ सदस्य खातों को 120 से अधिक विकेंद्रीकृत डेटाबेस से माइग्रेट कर एक यूनिफाइड नेशनल सिस्टम में लाया गया है। इसका मतलब है कि सदस्य सेवाएं किसी एक क्षेत्रीय कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय केंद्रीकृत व्यवस्था के तहत ज्यादा सुव्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ सकेंगी।

यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है, जब EPFO वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज सदस्यों के खातों में क्रेडिट करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। PIB के अनुसार केंद्रीय न्यासी बोर्ड ने FY 2025-26 के लिए EPF जमा पर 8.25 प्रतिशत सालाना ब्याज दर की सिफारिश की थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार करीब 34 करोड़ खातों में यह ब्याज 15 जुलाई तक दिखने की उम्मीद है।

हाल के दिनों में EPFO के ऑनलाइन पोर्टल और पासबुक सेवाओं में बदलाव और अस्थायी व्यवधान भी देखने को मिला। EPFO ने अपने पोर्टल पर बताया है कि डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद सदस्य और नियोक्ता सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से लाइव किया जा रहा है। शुरुआती स्थिरीकरण अवधि के दौरान कुछ क्लेम और सर्विस रिक्वेस्ट में अतिरिक्त समय लग सकता है।

नए डिजिटल सिस्टम के तहत PF क्लेम प्रोसेसिंग को ज्यादा ऑटोमेटेड और नियम-आधारित बनाने पर जोर है। इससे पात्र क्लेम के निपटारे में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। साथ ही सदस्य अपनी सेवा इतिहास, क्लेम स्टेटस और PF से जुड़ी अन्य जानकारी को पहले से अधिक आसान तरीके से देख सकेंगे।

UAN से जुड़ी सेवाओं में भी बदलाव किया गया है। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार UAN एक्टिवेशन और डायरेक्ट UAN अलॉटमेंट अब EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल से हटाकर UMANG ऐप पर शिफ्ट किए गए हैं। ये सेवाएं अब आधार-आधारित Face Authentication Technology के जरिए पूरी की जा रही हैं।

हालांकि, सभी सुविधाएं एक साथ उपलब्ध नहीं होंगी। EPFO की सेवाओं का रोलआउट चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। इसलिए नए सिस्टम के पूरी तरह स्थिर होने तक कुछ सेवाओं में समय लग सकता है और कुछ प्रक्रियाएं क्रमवार शुरू होंगी।

इस बीच, EPFO के केंद्रीय न्यासी बोर्ड की 25 जुलाई को होने वाली बैठक में CITES से जुड़े प्रमुख प्रावधानों पर चर्चा होने की संभावना है। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार बैठक में automatic PF transfer, partial withdrawals को सरल बनाने और सदस्य जानकारी तक आसान पहुंच जैसे प्रस्तावों पर भी विचार हो सकता है।

कुल मिलाकर CITES 2.01 EPFO की डिजिटल सेवाओं को केंद्रीकृत और सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इसके पूरी तरह लागू होने के बाद PF सदस्यों को क्लेम, पासबुक, UAN और अन्य प्रमुख सेवाओं के लिए अधिक सुव्यवस्थित प्लेटफॉर्म मिलने की उम्मीद है। इससे अलग-अलग पोर्टल और जटिल प्रक्रियाओं पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो सकती है।

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