स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे हुआ अवरुद्ध, एनएच बड़कोट की टीम ने बहाली के बाद यातायात सुचारु किया

भूस्खलन के कारण कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ यह मार्ग चारधाम यात्रा और स्थानीय आवाजाही दोनों के लिए अहम है। जानिए, मार्ग कितनी देर प्रभावित रहा, बहाली कैसे हुई और मानसून के दौरान इस रूट पर सफर करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
Heavy machinery clearing landslide debris from the Yamunotri National Highway near Syanachatti during monsoon in Uttarkashi.

उत्तरकाशी, 9 जुलाई। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास भूस्खलन और मलबा आने से कुछ समय के लिए अवरुद्ध हो गया था। मार्ग बंद होने की सूचना मिलते ही एनएच बड़कोट की टीम मौके पर पहुंची और मशीनों की मदद से सड़क से मलबा हटाने का काम शुरू किया। बाद के अपडेट में मार्ग को आवागमन के लिए सुचारु बताया गया है।

स्यानाचट्टी क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और पत्थर सड़क पर आ गए थे। इसके चलते यमुनोत्री धाम, जानकीचट्टी और बड़कोट की ओर जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए यातायात को रोका गया और यात्रियों से सतर्क रहने की अपील की गई।

मार्ग अवरुद्ध होने के बाद एनएच बड़कोट की टीम ने जेसीबी और अन्य मशीनों के जरिए सड़क से मलबा हटाया। बारिश और पहाड़ी से मलबा गिरने की आशंका के बीच बहाली कार्य सावधानी से किया गया, ताकि मार्ग खुलने के बाद वाहनों की आवाजाही सुरक्षित तरीके से शुरू हो सके।

यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग चारधाम यात्रा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है। इसी रास्ते से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री यमुनोत्री धाम की ओर जाते हैं। स्थानीय लोगों के लिए भी यह मार्ग बड़कोट, जानकीचट्टी और आसपास के क्षेत्रों की रोजमर्रा की आवाजाही से जुड़ा है। ऐसे में हाईवे बंद होने पर यात्रियों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मानसून के दौरान उत्तरकाशी जिले के पर्वतीय मार्गों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। खासकर यमुनोत्री हाईवे के कई हिस्सों में बारिश के बाद पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का खतरा बना रहता है। इसी वजह से प्रशासन और पुलिस लगातार यात्रियों को मौसम और सड़क की ताजा स्थिति देखकर ही सफर करने की सलाह दे रहे हैं।

प्रशासन की ओर से यात्रियों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे जल्दबाजी में जोखिम न उठाएं। मार्ग पर मलबा आने, बारिश तेज होने या दृश्यता कम होने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रुकें और पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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