उत्तराखंड तक बढ़ेगा Ganga Expressway, हरिद्वार हिस्से पर ₹2,600 करोड़ खर्च करेगी यूपी सरकार

गंगा एक्सप्रेसवे के हरिद्वार विस्तार को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच खर्च वहन पर सहमति बनी है। उत्तराखंड में बनने वाले हिस्से पर लगभग ₹2,600 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। परियोजना की अगली प्रक्रिया और इससे जुड़े अहम बिंदु, आगे पढ़िए...
Aerial view of the Ganga Expressway corridor in Uttar Pradesh

हरिद्वार, 24 जुलाई।गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक बढ़ाने की योजना में उत्तराखंड के भीतर बनने वाले हिस्से के खर्च को लेकर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सहमति बन गई है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के हवाले से प्रकाशित जानकारी के अनुसार उत्तराखंड में प्रस्तावित करीब 30 किलोमीटर लंबे हिस्से पर लगभग ₹2,600 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। यह खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी।

इस राशि में सड़क निर्माण के साथ भूमि अधिग्रहण, प्रभावित भूमि और परिसंपत्तियों का मुआवजा तथा परियोजना के रास्ते में आने वाली बिजली, पानी और दूसरी सुविधाओं को स्थानांतरित करने का खर्च भी शामिल होने की बात कही गई है। दोनों राज्यों के बीच अब इस व्यवस्था को औपचारिक रूप देने के लिए समझौता ज्ञापन यानी एमओयू की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

हालांकि, इस सहमति से संबंधित हस्ताक्षरित एमओयू या विस्तृत सरकारी आदेश अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में ₹2,600 करोड़ की राशि को परियोजना की अंतिम स्वीकृत लागत के बजाय मौजूदा अनुमान के रूप में देखा जाना चाहिए। विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद लागत में बदलाव भी हो सकता है।

हरिद्वार जिले के 28 गांवों की भूमि प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के दायरे में आने की बात कही गई है। हालांकि पहले सामने आई जानकारियों में गांवों की संख्या अलग बताई गई थी। ऐसे में प्रभावित गांवों, जमीन के क्षेत्रफल और मुआवजे की अंतिम स्थिति भूमि अधिग्रहण की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

प्रस्तावित विस्तार अमरोहा से बिजनौर होते हुए हरिद्वार तक पहुंचेगा। उत्तराखंड में इसका करीब 30 किलोमीटर हिस्सा हरिद्वार जिले में तैयार किया जाना है। परियोजना पूरी होने के बाद हरिद्वार को उत्तर प्रदेश के पश्चिमी, मध्य और पूर्वी हिस्सों से तेज रफ्तार सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 अप्रैल 2026 को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए कहा था कि इसके विस्तार की योजना पर काम शुरू हो चुका है और इसे मेरठ से आगे हरिद्वार तक पहुंचाया जाएगा।

वर्तमान गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा, छह लेन का नियंत्रित प्रवेश वाला ग्रीनफील्ड मार्ग है। इसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकता है। इस परियोजना का निर्माण करीब ₹36,230 करोड़ की लागत से किया गया है और यह उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरती है।

केंद्र सरकार ने हरिद्वार विस्तार के साथ जेवर लिंक और फर्रुखाबाद लिंक जैसे प्रस्तावित गलियारों को भी उत्तर प्रदेश के व्यापक एक्सप्रेसवे नेटवर्क का हिस्सा बताया है। हालांकि हरिद्वार से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक सीधा तेज रफ्तार संपर्क तभी बनेगा, जब प्रस्तावित जेवर लिंक एक्सप्रेसवे भी तैयार हो जाएगा।

फिलहाल परियोजना का अगला महत्वपूर्ण चरण दोनों राज्यों के बीच एमओयू, विस्तृत सर्वेक्षण और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया है। इन्हीं प्रक्रियाओं के बाद हरिद्वार हिस्से के अंतिम रूट, प्रभावित गांवों, लागत और निर्माण की समयसीमा की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।

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