उत्तराखंड में नई ट्रेकिंग नीति के साथ पर्वतारोहियों के लिए खुलेंगी 20 नई चोटियां

उत्तराखंड सरकार राज्य में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई ट्रेकिंग नीति लाने की तैयारी में है। इसके साथ पर्वतारोहण के लिए 20 नई चोटियों को खोलने का प्रस्ताव भी प्रक्रिया में है। पूरी योजना और आगे की स्थिति जानिए...
Trekkers walking across a snow-covered Himalayan glacier during a high-altitude expedition in Uttarakhand.

देहरादून, 1 अगस्त। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्वतारोहण के लिए 20 और चोटियों को खोलने की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही राज्य की नई ट्रेकिंग नीति भी अगस्त में जारी हो सकती है।

इन चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोलने से संबंधित प्रक्रिया अभी चल रही है। अंतिम अनुमति मिलने के बाद ही पर्वतारोही इन चोटियों पर अभियान चला सकेंगे।

उत्तराखंड में इससे पहले 83 हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण के लिए खोला जा चुका है। ये चोटियां गढ़वाल और कुमाऊं क्षेत्र के छह जिलों में स्थित हैं।

अब 20 अन्य चोटियों को भी इस सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके बाद राज्य में पर्वतारोहण के लिए उपलब्ध चोटियों की संख्या और बढ़ जाएगी।

राज्य सरकार नई ट्रेकिंग नीति पर भी काम कर रही है। इसके इसी महीने जारी होने की संभावना जताई गई है, हालांकि अभी इसकी अंतिम तारीख घोषित नहीं हुई है।

नीति जारी होने के बाद ट्रेकिंग गतिविधियों के संचालन, अनुमति प्रक्रिया और इससे जुड़े नियमों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सरकार का उद्देश्य राज्य में साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाना और अधिक पर्वतारोहियों तथा ट्रेकर्स को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करना है।

फिलहाल नई 20 चोटियों के नाम और उन्हें खोलने की तारीख की विस्तृत आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है। अंतिम निर्णय के बाद ही इससे जुड़ी पूरी जानकारी जारी की जाएगी।

नई चोटियों के खुलने से उत्तराखंड में पर्वतारोहण अभियानों का दायरा बढ़ेगा। इससे अनुभवी पर्वतारोहियों को नए विकल्प मिलेंगे और राज्य की पहचान साहसिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में और मजबूत हो सकती है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया देते हुए मॉन्टैक्स (Montaxe) के संस्थापक शिवम राणा ने कहा कि उत्तराखंड में नई चोटियों को पर्वतारोहण और नई ट्रेकिंग नीति के जरिए साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने का फैसला राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका मानना है कि यदि इन अभियानों को स्थानीय गाइड, पर्वतीय सुरक्षा मानकों, पर्यावरण संरक्षण और प्रशिक्षित एडवेंचर ऑपरेटरों के साथ जोड़ा जाए, तो इससे न केवल उत्तराखंड वैश्विक एडवेंचर टूरिज्म मानचित्र पर और मजबूत होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मॉन्टैक्स का उद्देश्य भी सुरक्षित, जिम्मेदार और टिकाऊ एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देना है, ताकि अधिक से अधिक लोग उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों का अनुभव कर सकें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी इसका लाभ मिले।

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