कांवड़ यात्रा के लिए देहरादून में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, 11 अगस्त तक बदले रहेंगे रूट

कांवड़ यात्रा को देखते हुए देहरादून पुलिस ने 11 अगस्त तक विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। कई मार्गों पर डायवर्जन, भारी वाहनों पर प्रतिबंध और कांवड़ वाहनों के लिए अलग रूट तय किए गए हैं। यात्रा से पहले नया ट्रैफिक प्लान जरूर जान लें। आगे पढ़िए...
Hundreds of Kanwariyas carrying decorated Kanwars walk along a highway in Rishikesh during the Kanwar Yatra.

देहरादून, 31 जुलाई। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही और यातायात व्यवस्था को देखते हुए देहरादून पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था 30 जुलाई से 11 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ यात्रियों के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। गलती से एक्सप्रेसवे या देहरादून सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों को निर्धारित डायवर्जन से हरिद्वार की ओर भेजा जाएगा।

हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और कुरुक्षेत्र की ओर से हरिद्वार जाने वाले भारी कांवड़ वाहनों को पांवटा साहिब, यमुनानगर, सहारनपुर, भगवानपुर और रुड़की होते हुए बैरागी कैंप भेजा जाएगा।

इन क्षेत्रों से आने वाले छोटे कांवड़ वाहन पांवटा साहिब, धर्मावाला, दर्रारेट, बेहट, भगवानपुर, रुड़की और हरिद्वार होते हुए बैरागी कैंप पहुंचेंगे।

देहरादून शहर से हरिद्वार जाने वाले स्थानीय कांवड़ वाहनों को शिमला बाईपास, आईएसबीटी, कारगी चौक, रिस्पना पुल और जोगीवाला के रास्ते भेजा जाएगा। शहर और कुठालगेट से मसूरी की ओर कांवड़ वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

भारी वाहनों के संचालन के लिए भी अलग व्यवस्था बनाई गई है। 30 जुलाई से चार अगस्त तक हरिद्वार की ओर भारी वाहन केवल रात 12 बजे से सुबह चार बजे तक चल सकेंगे।

पांच अगस्त से कांवड़ मेला समाप्त होने तक भारी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस व्यवस्था से छूट दी जाएगी।

यातायात व्यवस्था संभालने के लिए जिले में 12 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। ऋषिकेश, नीलकंठ और हरिद्वार की ओर जाने वाले कांवड़ वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग स्थलों की व्यवस्था भी की गई है।

आम वाहन चालकों से अपील की गई है कि कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार, ऋषिकेश और मसूरी की ओर निकलने से पहले निर्धारित रूट की जानकारी जरूर लें। पुलिस की ओर से लगाए गए संकेतकों और डायवर्जन का पालन करने से मुख्य मार्गों पर जाम और अनावश्यक परेशानी से बचा जा सकेगा।

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