चारधाम यात्रा में 44.84 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, पिछले चार सालों का रिकॉर्ड टूटा

चारधाम यात्रा में इस वर्ष दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 44.84 लाख बताई गई है, जो पिछले चार वर्षों की समान अवधि से अधिक है। हालांकि उपलब्ध आंकड़े की समयसीमा को लेकर आधिकारिक दैनिक यात्रा बुलेटिन से अंतिम पुष्टि होना अभी बाकी है।
Side-by-side image showing pilgrims at Badrinath Temple and Kedarnath Temple during the 2026 Char Dham Yatra in Uttarakhand.

ऋषिकेश, 5 अगस्त। उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या पिछले वर्षों की तुलना में अधिक दर्ज की गई है। चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में दर्शन करने वालों की संख्या 44,84,429 बताई गई है।

हालांकि इसी संख्या को कुछ पूर्व प्रकाशित रिपोर्टों में 19 जुलाई तक का आंकड़ा बताया गया था। ऐसे में इसे 31 जुलाई तक की अंतिम संख्या मानने से पहले आधिकारिक दैनिक यात्रा बुलेटिन से पुष्टि जरूरी है।

जारी विवरण के अनुसार वर्ष 2025 की समान अवधि में 41,32,773 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस आधार पर इस वर्ष यात्रियों की संख्या में 3,51,656, यानी करीब 3.52 लाख की बढ़ोतरी बताई जा रही है।

चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के विशेष कार्याधिकारी डॉ. प्रजापति नौटियाल के हवाले से बताया गया है कि इस वर्ष यात्रा का आंकड़ा पिछले चार वर्षों से आगे निकल गया है। अब तक चारों धाम और हेमकुंड साहिब के लिए 58 लाख 61 हजार 198 यात्रियों के पंजीकरण का दावा भी किया गया है।

दिए गए वर्षवार आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2024 तक 32 लाख 8 हजार 752, जुलाई 2023 तक 36 लाख 17 हजार 493 और जुलाई 2022 तक 29 लाख 41 हजार 580 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे। इस तुलना में वर्ष 2026 का उपलब्ध आंकड़ा सबसे अधिक है।

यात्रियों की संख्या बढ़ने के पीछे बेहतर सड़क संपर्क, ऑनलाइन पंजीकरण, हेली सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को प्रमुख कारण बताया गया है। हालांकि इन कारणों से हुई बढ़ोतरी का अलग-अलग आधिकारिक आकलन उपलब्ध नहीं कराया गया है।

यात्रा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों का अनुमान है कि कपाट बंद होने तक दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 60 लाख के पार जा सकती है। यह फिलहाल अनुमान है और अंतिम आंकड़ा मौसम, यात्रा मार्गों की स्थिति तथा आने वाले महीनों में यात्रियों की आवाजाही पर निर्भर करेगा।

पंजीकरण और दर्शन कर चुके यात्रियों के आंकड़ों में करीब 13.76 लाख का अंतर है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में पंजीकृत श्रद्धालु अभी यात्रा पर नहीं पहुंचे हैं या उनका सत्यापन अंतिम दर्शन संख्या में शामिल नहीं हुआ है।

चारधाम यात्रा के तहत श्रद्धालु उत्तराखंड स्थित यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन करते हैं। इसके साथ हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले यात्रियों का आंकड़ा भी यात्रा प्रबंधन से जुड़े कुल आंकड़ों में शामिल किया जाता है। हर साल कपाट खुलने के बाद यात्रा शुरू होती है और शीतकाल के लिए कपाट बंद होने तक जारी रहती है।

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