चमोली की नीती घाटी में तमक नाले का तेज बहाव, पुल क्षतिग्रस्त; मलारी से आगे आवाजाही बाधित

सीमांत क्षेत्र में संपर्क बहाल करने के लिए अब प्रशासन के सामने पुल की स्थिति का आकलन और सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती है। SDRF और NDRF समेत टीमें मौके की ओर रवाना की गई हैं। रास्ता कब तक खुलेगा, अभी स्पष्ट नहीं है - मौके पर क्या स्थिति बनी है, पूरी जानकारी खबर में जानें।
Valley bridge damaged by a strong water flow in Chamoli's Niti Valley.

चमोली, 10 अगस्त। चमोली जिले की सीमांत नीती घाटी में सोमवार को तमक नाले में अचानक तेज बहाव आने से नीती-मलारी मार्ग पर बना वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद मलारी से आगे आवाजाही बाधित हो गई है। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है।

चमोली पुलिस के अनुसार तमक घाटी के पास नाले का बहाव अचानक काफी तेज हो गया। तेज पानी की चपेट में वहां बना वैली ब्रिज आ गया, जिससे मार्ग प्रभावित हुआ। घटना के बाद सीमांत क्षेत्र में आवागमन को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है।

तेज बहाव में एक डोजर और एक वाहन के बहने की भी सूचना है। हालांकि वाहन में कोई व्यक्ति मौजूद था या नहीं, इसकी अलग से पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। प्रशासन की ओर से फिलहाल नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, SDRF और NDRF की टीमों को मौके के लिए रवाना किया गया। टीमें प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगी और जरूरत के अनुसार राहत व बचाव कार्य शुरू किया जाएगा।

वैली ब्रिज क्षतिग्रस्त होने से मलारी से आगे का संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन संबंधित क्षेत्रों से लगातार जानकारी जुटा रहा है और वैकल्पिक व्यवस्था की स्थिति भी देखी जा रही है।

फिलहाल घटना का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। नाले में अचानक तेज बहाव कैसे बढ़ा, इसे लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित क्षेत्र में अनावश्यक आवाजाही से बचने और आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की अपील की है।

नीती घाटी का यह मार्ग सीमांत गांवों और आगे के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद प्रशासन के सामने फिलहाल आवाजाही बहाल करना प्राथमिकता है। रास्ता कब तक खुल सकेगा, इसे लेकर अभी कोई समय सीमा नहीं बताई गई है।

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