उत्तराखंड में लगेंगे चार बड़े रोजगार मेले, 10 हजार युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

पंजीकरण शुरू होने के बाद अभ्यर्थियों के लिए चार शहरों में उपलब्ध अवसरों, भाग लेने वाली कंपनियों और पदवार योग्यता की तस्वीर साफ होगी। अभी तारीखें और कंपनियों की सूची सामने नहीं आई है - तो किन युवाओं को मौका मिलेगा और आवेदन से पहले किन जानकारियों पर नजर रखनी होगी? पूरी जानकारी खबर में जानें।
Young job seekers meeting recruiters at an employment fair in Uttarakhand.

देहरादून, 10 अगस्त। उत्तराखंड में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आने वाले महीनों में चार बड़े रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य इन मेलों के जरिए करीब 10 हजार युवाओं को निजी क्षेत्र की कंपनियों से जोड़ना है। इसके लिए मुफ्त ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

तकनीकी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मुताबिक रोजगार मेले अगले चार महीनों में आयोजित किए जाएंगे। गढ़वाल मंडल में श्रीनगर और देहरादून, जबकि कुमाऊं मंडल में काशीपुर और अल्मोड़ा में मेले लगाए जाएंगे। इनमें देश की विभिन्न बहुराष्ट्रीय और निजी कंपनियों के शामिल होने की बात कही गई है।

रोजगार मेलों में पॉलीटेक्निक, आईटीआई और राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों से पास आउट और अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को मौका मिलेगा। इसके साथ ही विद्यालयी शिक्षा के व्यावसायिक कोर्स कर चुके युवा भी इनमें शामिल हो सकेंगे।

इन मेलों का दायरा केवल तकनीकी संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को भी निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।

तकनीकी शिक्षा विभाग को एक सप्ताह के भीतर मुफ्त ऑनलाइन पंजीकरण शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अभी चारों रोजगार मेलों की अलग-अलग तारीखें, पंजीकरण लिंक और भाग लेने वाली कंपनियों की पूरी सूची जारी नहीं की गई है।

रोजगार मेलों के आयोजन में तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ विद्यालयी शिक्षा, उच्च शिक्षा, सेवायोजन और कौशल विकास विभाग की भी भागीदारी रहेगी। अलग-अलग विभागों के समन्वय से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को कंपनियों से सीधे जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री के अनुसार राज्य में अब तक करीब 42 हजार युवाओं को अलग-अलग माध्यमों से रोजगार दिया जा चुका है। इस आंकड़े में स्थायी, संविदा और आउटसोर्स के जरिए मिले रोजगार भी शामिल बताए गए हैं। इसे सरकार के दावे के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

अब युवाओं के लिए सबसे अहम जानकारी रोजगार मेलों की तारीख और ऑनलाइन पंजीकरण से जुड़ी होगी। पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह साफ होगा कि किस शहर में कौन-कौन सी कंपनियां आएंगी और अलग-अलग नौकरियों के लिए क्या योग्यता मांगी जाएगी।

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