उत्तराखंड: अंकिता भंडारी हत्याकांड को 4 साल पूरे; CBI जांच को लेकर अब भी क्यों उठ रहे सवाल

Composite news image showing Ankita Bhandari and the Uttarakhand High Court in Nainital during proceedings related to the murder case appeal.

देहरादून, 17 सितंबर 2026: अंकिता भंडारी हत्याकांड को 18 सितंबर को चार साल पूरे हो जाएंगे। मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा मिल चुकी है, लेकिन कथित VIP एंगल और CBI जांच को लेकर सवाल अब भी उठ रहे हैं। इसी बीच अंकिता की चौथी पुण्यतिथि पर देहरादून में विभिन्न सामाजिक संगठनों ने एक बार फिर न्याय की मांग उठाने की तैयारी की है।

18 सितंबर को देहरादून के गांधी पार्क में सुबह 11 बजे श्रद्धांजलि सभा आयोजित करने और मानव श्रृंखला बनाने का कार्यक्रम रखा गया है। इसमें शामिल लोग अंकिता को श्रद्धांजलि देने के साथ मामले में उठाए जा रहे सवालों पर जवाब और जांच की प्रगति सामने लाने की मांग करेंगे।

इसके अलावा देहरादून के परेड ग्राउंड में भी अंकिता की याद में श्रद्धांजलि सभा आयोजित किए जाने की जानकारी है। उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष प्रभात ध्यानी के अनुसार उत्तराखंड महिला मंच, इंसानियत मंच और अंकिता भंडारी न्याय समूह समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग इसमें शामिल होंगे।

तीन दोषियों को मिल चुकी है उम्रकैद

अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को वह लापता हो गई थी। छह दिन बाद 24 सितंबर को उसका शव चीला नहर से बरामद किया गया था।

मामले में वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। कोटद्वार की अदालत ने 30 मई 2025 को तीनों को हत्या के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

तीनों दोषियों ने निचली अदालत के फैसले को उत्तराखंड हाईकोर्ट में चुनौती दी है। 19 अगस्त 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थीं।

कथित VIP एंगल को लेकर क्यों उठ रहे सवाल

अंकिता हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। अंकिता के परिवार और विभिन्न संगठनों ने इस पहलू की स्वतंत्र जांच की मांग की थी। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने जनवरी 2026 में कहा था कि उसकी जांच में किसी VIP की संलिप्तता सामने नहीं आई।

इसके बावजूद मामले को लेकर उठ रही मांगों के बीच राज्य सरकार ने 9 जनवरी 2026 को CBI जांच की संस्तुति की थी। इसके बाद फरवरी में CBI ने नया मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठन CBI जांच में अब तक हुई प्रगति को सार्वजनिक करने की मांग करते रहे हैं। CBI की ओर से जांच के अंतिम निष्कर्षों को लेकर अभी कोई सार्वजनिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है।

अब हत्याकांड के चार साल पूरे होने पर देहरादून में होने वाले कार्यक्रमों में एक बार फिर अंकिता के लिए न्याय और मामले से जुड़े बाकी सवालों को लेकर आवाज उठाई जाएगी।

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