देहरादून के मियांवाला में खुला ₹8.64 करोड़ का जल सृष्टि पार्क, जानिए यहां लोगों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी

तालाब के बीच तैयार किया गया आइलैंड, पेडल बोटिंग, जॉगिंग ट्रैक और अलग योगा डेक इस जगह को केवल हरित क्षेत्र तक सीमित नहीं रखते। बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, एजुकेशनल फ्लावर गार्डन, बैठने की व्यवस्था और अन्य सुविधाओं के साथ यहां लोगों के उपयोग का पूरा ढांचा किस तरह तैयार किया गया है, इसकी तस्वीर आगे सामने आती है।
Chief Minister Pushkar Singh Dhami addressing a gathering beside the restored pond at Jal Srishti Park in Mianwala, Dehradun.

देहरादून, 19 सितंबर 2026। देहरादून के मियांवाला में पुराने तालाब को पुनर्जीवित कर तैयार किए गए ‘जल सृष्टि पार्क’ को आम लोगों के लिए खोल दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इस पार्क का लोकार्पण किया। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने मुख्यमंत्री घोषणा के तहत इसे करीब ₹8.64 करोड़ की लागत से विकसित किया है।

पार्क की खास बात यह है कि यहां पहले से मौजूद तालाब को खत्म करने के बजाय उसका पुनर्जीवन किया गया है। इसके आसपास हरित क्षेत्र और लोगों के घूमने, योग करने और परिवार के साथ समय बिताने के लिए अलग-अलग सुविधाएं विकसित की गई हैं।

तालाब में पेडल बोटिंग, बीच में बनाया गया आइलैंड

तालाब के बीच एक आइलैंड तैयार किया गया है। यहां आने वाले लोग पेडल बोटिंग भी कर सकेंगे। इसके अलावा सुबह और शाम टहलने या दौड़ने के लिए जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है, जबकि योग के लिए अलग योगा डेक तैयार किया गया है।

बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क बनाया गया है। फूलों और अलग-अलग वनस्पतियों के बारे में जानकारी देने के लिए एजुकेशनल फ्लावर गार्डन भी विकसित किया गया है। पार्क में लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्र और लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा यहां बेंच, गजीबो, महिला और पुरुषों के लिए अलग शौचालय और जलपान गृह जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

पुराने तालाब को नया रूप देकर बनाया सार्वजनिक स्थल

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पुराने जल स्रोत को संरक्षित रखते हुए उसके आसपास लोगों के लिए आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। उन्होंने कहा कि तालाबों और दूसरे जल स्रोतों का संरक्षण जरूरी है और ऐसे स्थानों को स्थानीय लोगों के उपयोग के लिए भी विकसित किया जा सकता है।

उन्होंने स्थानीय लोगों से पार्क और तालाब को साफ रखने तथा इसके संरक्षण में सहयोग करने की अपील की।

रायपुर क्षेत्र में सड़क और पेयजल के काम का भी जिक्र

लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में सड़कों के डामरीकरण, नवीनीकरण और चौड़ीकरण के साथ पेयजल, सीवर, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े काम किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार पेयजल व्यवस्था को बेहतर करने के लिए नए ट्यूबवेल और ओवरहेड टैंक बनाने, पुरानी पाइपलाइन बदलने और नई पेयजल लाइन बिछाने के काम भी किए जा रहे हैं।

उन्होंने डिफेंस कॉलोनी, सिंयावाला और नेहरू कॉलोनी समेत कई क्षेत्रों में पार्कों के निर्माण और सौंदर्यीकरण का भी उल्लेख किया। इसके अलावा आईटी पार्क से पॉलीटेक्निक होते हुए मंगलूवाला की ओर सड़क व्यवस्था बेहतर करने की बात कही।

सौंग डैम से पेयजल व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून की आबादी लगातार बढ़ रही है और इसके साथ पानी की मांग भी बढ़ रही है। सरकार के अनुसार सौंग डैम परियोजना से भविष्य में देहरादून की पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने रायपुर क्षेत्र में बरसात के दौरान बाढ़ और जलभराव से राहत के लिए नदियों और बरसाती नालों पर बाढ़ सुरक्षा और चैनलाइजेशन के काम किए जाने की भी जानकारी दी।

लोकार्पण कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, देहरादून के मेयर सौरभ थपलियाल और MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी समेत अन्य अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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