नई दिल्ली, 27 अक्टूबर 2026: राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए केंद्र सरकार ने रियायती स्थानीय पास की नई व्यवस्था की है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियमों में संशोधन किया है, जो 1 नवंबर 2026 से लागू होगा।
नए नियम के तहत संबंधित टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाला व्यक्ति अपने गैर-व्यावसायिक वाहन के लिए रियायती स्थानीय पास ले सकेगा। इसके लिए वाहन पर वैध और चालू FASTag होना जरूरी है। वाहन मालिक के पास मौजूदा मासिक पास या नया रियायती स्थानीय पास लेने का विकल्प रहेगा।
अगर टोल प्लाजा किसी नगर पालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा से बाहर है तो रियायती स्थानीय पास के लिए Rs 1,500 सालाना देना होगा। वहीं नगर पालिका या स्थानीय नगर क्षेत्र की सीमा के भीतर स्थित टोल प्लाजा के लिए यह शुल्क Rs 3,000 सालाना होगा। यह पास केवल उसी टोल प्लाजा पर मान्य रहेगा, जिसके लिए इसे जारी किया गया है।
केंद्र सरकार इन दरों में हर साल 1 अप्रैल को संशोधन कर सकेगी। यानी Rs 1,500 और Rs 3,000 की मौजूदा दरें आगे बदल सकती हैं।
हालांकि यह सुविधा सभी टोल मार्गों पर उपलब्ध नहीं होगी। जिस राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेसवे पर शुल्क Closed User Fee Collection System के आधार पर लिया जाता है, वहां यह रियायती स्थानीय पास जारी नहीं किया जाएगा।
इसके अलावा अगर वाहन चालक, मालिक या वाहन के प्रभारी व्यक्ति के इस्तेमाल के लिए सर्विस रोड या वैकल्पिक सड़क उपलब्ध है तो भी इस रियायती पास का लाभ नहीं मिलेगा।
यह बदलाव राष्ट्रीय राजमार्ग फीस (दरों का अवधारण और संग्रहण) (पांचवां संशोधन) नियम, 2026 के तहत किया गया है। मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना 26 अक्टूबर को जारी की और नए प्रावधान 1 नवंबर से प्रभावी होंगे।
नई व्यवस्था से उन स्थानीय वाहन मालिकों को राहत मिल सकती है जिन्हें अपने घर से आने-जाने के दौरान पास के एक ही टोल प्लाजा को नियमित रूप से पार करना पड़ता है। हालांकि इसके लिए 20 किलोमीटर की निवास सीमा, गैर-व्यावसायिक वाहन, वैध FASTag और अन्य तय शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।
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