उत्तरकाशी, 2 नवंबर। उत्तरकाशी जिले के केदारताल ट्रेक पर लापता सात ट्रेकर्स और एक गाइड की तलाश जारी है। भारी बर्फबारी और जगह-जगह हिमस्खलन के कारण बचाव दल पैदल आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। रविवार को हेलीकॉप्टर से दो बार तलाशी लेने के बावजूद लापता लोगों और उनके टेंट का कोई पता नहीं चला। अब सोमवार को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की विशेष टीमों को हेलीकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्र में उतारकर तलाश करने की योजना बनाई गई है।
SDRF के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के अनुसार, सोमवार के अभियान के लिए SDRF के पांच सदस्यों और निम के चार सदस्यों की टीम तैयार की गई है। योजना के तहत जवानों को हेलीकॉप्टर से बर्फीले इलाके में उतारा जाएगा। इसके बाद टीमें पैदल आगे बढ़कर लापता लोगों की तलाश करेंगी। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए सुरक्षित जगह तैयार करने का भी प्रयास किया जाएगा।
इससे पहले रविवार को SDRF के हेड कांस्टेबल रवि चौहान और कांस्टेबल दीपक पंत हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचे थे। वहां से केदारताल क्षेत्र में दो बार हवाई तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन लापता ट्रेकर्स, उनके टेंट या सामान का कोई सुराग नहीं मिला। वहीं, पैदल रवाना हुई बचाव टीम भारी बर्फ और हिमस्खलन के कारण भोज खरक से आगे नहीं बढ़ सकी।
सात ट्रेकर्स और उनके सहयोगियों का दल 27 अक्टूबर को गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुआ था। दल को 29 अक्टूबर तक वापस लौटना था, लेकिन रास्ते में भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण उनकी वापसी रुक गई। 30 अक्टूबर को प्रशासन को ट्रेकिंग दल के फंसे होने की सूचना मिली, जिसके बाद बचाव अभियान शुरू किया गया।
इससे पहले तीन पोर्टर और एक रसोइये को सुरक्षित निकालकर 31 अक्टूबर को गंगोत्री पहुंचा दिया गया था। हालांकि, सात ट्रेकर्स और उनके स्थानीय गाइड का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। लापता ट्रेकर्स में पांच पश्चिम बंगाल और दो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान के उप निदेशक मयंक गर्ग के अनुसार, केदारताल ट्रेक मार्ग पर करीब 10 से 12 स्थानों पर हिमस्खलन हुआ है। कई जगह रास्ते बर्फ से ढक गए हैं। सुखी ढांग के आसपास का मार्ग भी प्रभावित है। लगातार बर्फ जमा होने और रास्ते बंद होने से बचाव दलों को आगे बढ़ने में परेशानी हो रही है।
प्रशासन को 27 अक्टूबर की सुबह ही 29 अक्टूबर के आसपास खराब मौसम की चेतावनी मिल गई थी। हालांकि, तब तक ट्रेकिंग दल केदारताल के लिए रवाना हो चुका था और उससे संपर्क नहीं हो पा रहा था। इसके बाद मौसम बिगड़ने और रास्तों पर बर्फ जमा होने से स्थिति और कठिन हो गई।
रेस्क्यू अभियान में SDRF के अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), पुलिस, वन विभाग, जिला प्रशासन और निम की टीमें शामिल हैं। लापता लोगों की स्थिति को लेकर अभी कोई निश्चित जानकारी नहीं मिली है। बचाव दलों की प्राथमिकता प्रभावित क्षेत्र तक पहुंचकर उनकी तलाश करना है।
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