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Rescue personnel and officials assist pilgrims along a landslide-affected section of the Kedarnath foot route during monsoon conditions.

केदारनाथ पैदल मार्ग से मलबा हटने के बाद यात्रा फिर शुरू, पैदल श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू

मार्ग खुलने से श्रद्धालुओं की यात्रा दोबारा शुरू हो गई है, लेकिन मानसून के बीच भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में जोखिम पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और मार्ग की सुरक्षा का आकलन होने तक घोड़ा-खच्चर सेवाएं बंद रखी गई हैं, इसलिए यात्रियों को यात्रा से पहले ताजा स्थिति की जानकारी लेना जरूरी होगा।

A split image showing the Delhi-Dehradun Expressway alongside Kanwar pilgrims walking during the annual pilgrimage, illustrating traffic management measures.

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर कांवड़ियों की आवाजाही प्रतिबंधित, वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करेगा प्रशासन

कांवड़ यात्रा के दौरान यह व्यवस्था तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे पर पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों के बीच संभावित दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए लागू की जा रही है। प्रशासन वैकल्पिक मार्गों, प्रवेश नियंत्रण और राज्यों के बीच समन्वित यातायात प्रबंधन के जरिए यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने की तैयारी कर रहा है।

A scenic view of Moila Top in Chakrata, Uttarakhand, featuring the hilltop temple, open grassland and surrounding deodar forest.

चकराता के मोइला टॉप-बुधेर में 15 सितंबर तक पर्यटकों की एंट्री बंद, वन विभाग ने सुरक्षा कारणों से लगाई रोक

दो महीने तक लागू रहने वाला यह प्रतिबंध केवल पर्यटन स्थलों तक पहुंच सीमित नहीं करेगा, बल्कि मोइला टॉप-बुधेर से जुड़े स्थानीय गाइड, वाहन संचालक, होमस्टे और छोटे कारोबारियों की मौसमी आय पर भी असर डाल सकता है। सुरक्षा कारणों से लिया गया यह फैसला किन परिस्थितियों में लागू किया गया और आगे क्या व्यवस्था रहेगी, पूरी जानकारी पढ़िए।

The historic Uttarakhand High Court building in Nainital surrounded by deodar trees.

उत्तराखंड हाईकोर्ट के प्रस्तावित नए परिसर के लिए गौलापार की जमीन छह सप्ताह में सौंपने के निर्देश

एक अदालत का नया परिसर केवल निर्माण परियोजना नहीं होता। इसके पीछे कई प्रशासनिक, पर्यावरणीय और संस्थागत प्रक्रियाएं जुड़ी होती हैं, जिनका असर आगे की पूरी योजना पर पड़ता है। क्या है पूरा मामला?

Portrait of Lieutenant General Gajendra Joshi with a blurred Indian Army parade background following his appointment as Chairman of the Uttarakhand Public Service Commission.

UKPSC को मिला नया अध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी को मिली जिम्मेदारी

संवैधानिक संस्थाओं में शीर्ष स्तर की नियुक्तियां केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं होतीं, बल्कि आगे की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया की दिशा भी तय करती हैं। नई नियुक्ति से आयोग के कामकाज और भर्ती प्रक्रियाओं पर क्या असर पड़ सकता है, समझिए…

Officials and staff counting cash offerings during the donation counting process at Badrinath Temple in a screengrab from an ANI video.

बदरीनाथ मंदिर परिसर में लगाए जा रहे नए CCTV कैमरे, चढ़ावे से जुड़े विवाद के बाद सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी

धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था केवल भीड़ प्रबंधन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। बदरीनाथ धाम में निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के पीछे क्या वजह है और इससे क्या बदलाव आएंगे, समझिए…

Congress leader Ganesh Godiyal speaks to the media as party workers protest over the Parade Ground venue issue in Dehradun ahead of Rahul Gandhi's programme.

राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम से पहले कांग्रेस का धरना, परेड ग्राउंड की अनुमति रद्द होने पर विवाद

किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में स्थान बदलने या अनुमति से जुड़े फैसले केवल आयोजन की व्यवस्था तक सीमित नहीं रहते, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया दोनों को प्रभावित करते हैं। इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि क्या है और आगे इसकी दिशा क्या हो सकती है, क्या है पूरा मामला?

रामनगर-देहरादून रेल सेवा से संबंधित यात्री ट्रेन और नई सेवा की घोषणा के दौरान जनप्रतिनिधि की आधिकारिक मुलाकात का संयुक्त दृश्य।

उत्तराखंड में 18 जुलाई से रामनगर-देहरादून के बीच चलेगी सीधी ट्रेन, सप्ताह में दो दिन होगा संचालन

यह नई रेल सेवा केवल एक अतिरिक्त ट्रेन नहीं, बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल के बीच नियमित यात्रा करने वाले लोगों के लिए सीधी कनेक्टिविटी का नया विकल्प लेकर आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और सरकारी कामकाज के लिए सफर करने वाले यात्रियों को इससे सबसे अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है। क्या है पूरा मामला?

देहरादून स्थित उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग के कार्यालय भवन का मुख्य प्रवेश द्वार।

देहरादून की ग्राम पंचायत में RTI पर नहीं मिला विकास कार्यों का रिकॉर्ड, सूचना आयोग ने कार्रवाई के निर्देश दिए

सरकारी रिकॉर्ड केवल फाइलों का हिस्सा नहीं होते, बल्कि सार्वजनिक धन के उपयोग की जवाबदेही का आधार भी हैं। दस्तावेज उपलब्ध न होने से विकास कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता और नागरिकों के सूचना के अधिकार—तीनों पर असर पड़ता है। अब देखना होगा कि विभाग रिकॉर्ड का पता कैसे लगाता है और जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है। क्या है पूरा मामला?

Indian currency notes alongside Uttarakhand minister Rekha Arya during the announcement of the new SOP for PRD volunteers' honorarium during treatment.

उत्तराखंड में ड्यूटी के दौरान घायल या बीमार PRD जवानों को उपचार अवधि में मिलेगा मानदेय, SOP जारी

जो स्वयंसेवक जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में सेवाएं देते हैं, उनके लिए बीमारी या चोट केवल स्वास्थ्य का नहीं बल्कि आय का भी सवाल बन जाती है। नई व्यवस्था ऐसे मामलों में आर्थिक सुरक्षा को किस तरह प्रभावित करेगी और इसका लाभ किन परिस्थितियों में मिलेगा, समझिए…