देहरादून, 21 अगस्त। देहरादून में क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर हर महीने ज्यादा मुनाफे का भरोसा देकर 100 से ज्यादा लोगों से करीब आठ करोड़ रुपये निवेश कराने का मामला सामने आया है। अदालत के आदेश पर रायपुर थाना पुलिस ने लविश चौधरी उर्फ नवाब अली के खिलाफ धोखाधड़ी और अनियमित जमा योजनाओं से जुड़े कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
नकरौंदा क्षेत्र निवासी कविता परमार की शिकायत के मुताबिक, करीब तीन साल पहले मुजफ्फरनगर के घासीपुरा निवासी लविश चौधरी ने उनसे संपर्क किया था। आरोप है कि इसके बाद क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के जरिए हर महीने तय रिटर्न मिलने का दावा कर लोगों को पैसे लगाने के लिए जोड़ा गया।
शिकायत में कहा गया है कि BotBro, Yorker FX, Bot Alpha, Cross Market और TLC Coin जैसे प्लेटफॉर्म का सोशल मीडिया, सेमिनार और WhatsApp ग्रुप के जरिए प्रचार किया गया। लोगों को कथित तौर पर automated trading के माध्यम से हर महीने करीब 5 से 6 प्रतिशत तक रिटर्न मिलने का भरोसा दिया गया।
इन दावों पर भरोसा कर शिकायतकर्ता के परिचित करीब 100 से 120 लोगों ने अलग-अलग समय पर पैसे लगाए। शिकायत के अनुसार, इन लोगों की कुल निवेश राशि करीब आठ करोड़ रुपये थी। बाद में रकम और बताए गए रिटर्न को लेकर परेशानी सामने आने पर मामला पुलिस तक पहुंचा।
कविता परमार का कहना है कि उन्होंने 29 मई को रायपुर थाने में मामले की शिकायत दी थी। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य और पैसे लगाने वाले लोगों की सूची के साथ अदालत का रुख किया। इसके बाद अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया।
मामले में धोखाधड़ी से जुड़ी धाराओं के साथ Banning of Unregulated Deposit Schemes (BUDS) Act के तहत भी कार्रवाई की गई है। रायपुर पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों, बैंक लेनदेन और निवेश से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
लविश चौधरी के खिलाफ देहरादून में इससे पहले भी इसी तरह का एक मामला दर्ज हो चुका है। उस शिकायत में क्रिप्टो और फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर करीब 140 से 160 लोगों से 12 करोड़ रुपये से अधिक निवेश कराने का आरोप लगाया गया था।
दोनों शिकायतों को मिलाकर 240 से ज्यादा लोगों और करीब 20 करोड़ रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आता है। हालांकि, ये आंकड़े शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए आरोपों पर आधारित हैं और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक लेनदेन और पूरे मामले में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
इस तरह की ऑनलाइन निवेश योजनाओं से बचने के लिए किसी भी प्लेटफॉर्म या व्यक्ति की ओर से दिए जा रहे “गारंटीड” या हर महीने तय रिटर्न के दावे पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। निवेश से पहले यह जरूर जांचें कि संबंधित कंपनी, प्लेटफॉर्म या सलाह देने वाला व्यक्ति किसी अधिकृत नियामक के साथ पंजीकृत है या नहीं। ज्यादा और तय मुनाफे का दावा किसी योजना के संदिग्ध होने का संकेत हो सकता है।
फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर पैसे लगाने से पहले यह भी जांचना जरूरी है कि प्लेटफॉर्म अधिकृत है या नहीं। WhatsApp, Telegram, सोशल मीडिया या सेमिनार के जरिए मिलने वाले निवेश प्रस्तावों में जल्दबाजी से पैसे न लगाएं। कंपनी की वेबसाइट, पंजीकरण, बैंक खाते और नियामक स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही कोई वित्तीय फैसला लेना सुरक्षित रहता है।
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