उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर लापता 24 वर्षीय बबीता पांडे का 10 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। रविवार को हेलीकॉप्टर से दयारा बुग्याल ट्रेक और आसपास के क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया गया, लेकिन खोज अभियान में अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस को 30 मई की शाम गोई बेस कैंप क्षेत्र से बबीता के लापता होने की सूचना मिली थी। इसके बाद स्थानीय पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, वन विभाग, आपदा प्रबंधन क्यूआरटी, आईटीबीपी, सेना और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की टीमें खोज अभियान में जुटी हैं।
बबीता को आखिरी बार 29 मई की रात गोई कैंपसाइट के पास देखा गया था।
करीब 150 कर्मियों की टीम ड्रोन, स्निफर डॉग और अन्य संसाधनों की मदद से तलाश कर रही है। गोई बेस कैंप के पास झील और दलदली क्षेत्रों में डीप डाइविंग टीम भी खोज कर चुकी है।
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प्रशासन ने दयारा बुग्याल और रैथल क्षेत्र के होटल, गेस्ट हाउस और अन्य ठहरने की जगहों की जांच की है। सीसीटीवी फुटेज देखे गए हैं और अगोड़ा-डोडीताल मार्ग पर भी पूछताछ की गई है।
बबीता के साथ ट्रेक पर गए दो युवकों से पुलिस पूछताछ कर रही है। परिवार ने इस मामले में सवाल उठाए हैं और आशंका जताई है कि बबीता के साथ कुछ गलत हुआ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों के बयान शुरुआत से एक जैसे रहे हैं और अभी तक उनके खिलाफ कोई ठोस तथ्य सामने नहीं आया है।
पुलिस के सामने चारधाम यात्रा के कारण क्षेत्र में बढ़ी आवाजाही भी चुनौती बनी हुई है।
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