
नंदा देवी बड़ी जात: 12 साल बाद 5 सितंबर से शुरू होगी यात्रा, तैयारियां अंतिम चरण में
बारह साल के अंतराल के बाद होने वाला यह आयोजन पहाड़ की धार्मिक आस्था के साथ उसकी सामूहिक लोक-संस्कृति को भी सामने लाता है। यात्रा के साथ जुड़ी परंपराएं, अलग-अलग पड़ाव और श्रद्धालुओं की भागीदारी इस आयोजन को खास बनाती हैं। यात्रा में क्या-क्या परंपराएं निभाई जाती हैं और इसका सांस्कृतिक महत्व क्या है, आगे पढ़िए।








