
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल प्रोजेक्ट: देश की सबसे लंबी रेल सुरंग 90% से ज्यादा बनकर तैयार, जनवरी से बिछेगा ट्रैक
गढ़वाल के लिए यह परियोजना सिर्फ एक नई परिवहन लाइन नहीं होगी, बल्कि सड़क पर निर्भरता के बीच एक अतिरिक्त रेल विकल्प तैयार करेगी। ऋषिकेश से आगे देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, गौचर और कर्णप्रयाग तक पहुंच का यह बदलाव स्थानीय यात्रियों के साथ चारधाम से जुड़े क्षेत्रों के लिए भी मायने रखेगा। पूरी परियोजना में सुरंगों की हिस्सेदारी कितनी है और T-8 के बाद अगला बड़ा चरण क्या होगा, इसकी तस्वीर भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।








