उत्तराखंड की भागीरथी बिष्ट ने हैदराबाद मैराथन में रचा इतिहास, 42.195 किमी दौड़ में जीता सिल्वर मेडल; तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने किया सम्मानित

वाण जैसे सीमांत पहाड़ी गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की मैराथन में लगातार शीर्ष स्थान हासिल करना भागीरथी की उपलब्धि को सिर्फ एक पदक से आगे ले जाता है। उनके हालिया प्रदर्शन और पिछले आयोजनों के रिकॉर्ड से लंबी दूरी की दौड़ में उनकी निरंतरता सामने आती है। यही प्रदर्शन चमोली के युवाओं और खेलों में आगे बढ़ने वाली बेटियों के लिए इस कहानी को खास बनाता है।
Indian marathon runner holding the national flag alongside an Indian government official seated at a meeting

चमोली, 30 अगस्त। चमोली जिले की धाविका भागीरथी बिष्ट ने हैदराबाद मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय महिला वर्ग में दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने 42.195 किलोमीटर की फुल मैराथन 2 घंटे 51 मिनट 41 सेकंड में पूरी की।

भागीरथी बिष्ट चमोली जिले के देवाल विकासखंड के सीमांत वाण गांव की रहने वाली हैं। पहाड़ी क्षेत्र से निकलकर लंबी दूरी की दौड़ में लगातार बेहतर प्रदर्शन करने के कारण उनकी उपलब्धि को क्षेत्र के युवाओं और खेलों में आगे बढ़ने वाली बेटियों के लिए प्रेरणा के रूप में देखा जा रहा है।

हैदराबाद मैराथन में देश के साथ विदेशी धावकों ने भी हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में फुल मैराथन, हाफ मैराथन और अलग-अलग दूरी की अन्य दौड़ आयोजित की गईं। फुल मैराथन के भारतीय महिला वर्ग में भागीरथी दूसरे स्थान पर रहीं।

आधिकारिक परिणामों के अनुसार, भागीरथी ने 2:51:41 का समय दर्ज किया। भारतीय महिला धावकों में उनसे आगे निर्माबेन ठाकोर रहीं, जिन्होंने 2:50:20 में दौड़ पूरी की। ओवरऑल महिला वर्ग में भागीरथी सातवें स्थान पर रहीं।

भागीरथी के प्रदर्शन के बाद उन्हें पदक देकर सम्मानित किया गया। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने उन्हें सम्मानित किया।

भागीरथी इससे पहले भी बड़ी मैराथन प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर चुकी हैं। फरवरी 2026 में आयोजित नई दिल्ली मैराथन के महिला वर्ग में उन्होंने 2 घंटे 43 मिनट 28 सेकंड के समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था।

वर्ष 2025 की हैदराबाद मैराथन में भी भागीरथी भारतीय महिला धावकों में पहले स्थान पर रही थीं। उस दौड़ में उन्होंने 2 घंटे 51 मिनट 52 सेकंड का समय दर्ज किया था। ओवरऑल महिला वर्ग में वह चौथे स्थान पर रही थीं।

लगातार दूसरे वर्ष हैदराबाद मैराथन में भारतीय महिला धावकों में शीर्ष स्थानों पर रहना भागीरथी की लंबी दूरी की दौड़ में निरंतरता को दिखाता है। वाण जैसे सीमांत पहाड़ी गांव से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की बड़ी प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन चमोली जिले के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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