नैनीताल। नैनीताल जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ नियम लागू कर दिया है। अब जिले के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहुंचने वाले दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य वाहन चालकों को दंडित करना नहीं, बल्कि हेलमेट पहनने के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सड़क हादसों में कमी लाना है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर संभागीय परिवहन अधिकारी, प्रवर्तन एवं सड़क सुरक्षा अरविंद पांडे की ओर से जिला पूर्ति अधिकारी को पत्र जारी किया गया था। इसके बाद जिले के पेट्रोल पंपों पर इस व्यवस्था को लागू कराया गया है।
पेट्रोल पंपों पर ‘नो हेलमेट-नो पेट्रोल’ से जुड़े जागरूकता बोर्ड भी लगाए गए हैं। इनके माध्यम से दोपहिया वाहन चालकों को साफ संदेश दिया जा रहा है कि हेलमेट के बिना पेट्रोल उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
परिवहन विभाग के अनुसार हाल के समय में दोपहिया वाहन दुर्घटनाओं में मौत और गंभीर चोटों के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जांच में कई मामलों में हेलमेट नहीं पहनना बड़ा कारण पाया गया। इसी को देखते हुए सड़क सुरक्षा के हित में यह कदम उठाया गया है।
इससे पहले 29 जून 2024 को जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी पेट्रोल पंप संचालकों को बिना हेलमेट दोपहिया चालकों को पेट्रोल उपलब्ध न कराने के निर्देश दिए गए थे। अब इन निर्देशों को प्रभावी रूप से लागू कराने के लिए परिवहन विभाग ने जिला पूर्ति अधिकारी से सभी पंप संचालकों को स्पष्ट आदेश जारी कराने को कहा है।
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इसके साथ ही नैनीताल जिले के प्रमुख प्रवेश मार्गों पर टैक्सी और रेंटल बाइक से जुड़े प्रतिबंधों की जानकारी देने वाले सूचना बोर्ड भी लगाए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन बोर्डों का उद्देश्य पर्यटकों और वाहन चालकों को पहले से नियमों की जानकारी देना है, ताकि शहर में प्रवेश के बाद उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
नैनीताल नगर क्षेत्र में टैक्सी बाइक और रेंटल बाइक संचालन को लेकर भी प्रतिबंध प्रभावी है। सूचना बोर्डों में बताया गया है कि 3 जुलाई 2017 के बाद पंजीकृत टैक्सी बाइकों का नैनीताल नगर क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित है।
परिवहन विभाग और जिला प्रशासन इस व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि हेलमेट के इस्तेमाल को बढ़ावा देने और नैनीताल में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान को आगे भी प्रभावी रूप से चलाया जाएगा।
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