मौसम विभाग ने उत्तराखंड में जारी किया ऑरेंज अलर्ट, देहरादून-नैनीताल समेत सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भारी बारिश का यह अलर्ट केवल मौसम का पूर्वानुमान नहीं है। जानिए, किन जिलों में सबसे अधिक सतर्क रहने की जरूरत है, यात्रा और पर्वतीय मार्गों पर इसका क्या असर पड़ सकता है और अगले कुछ दिनों में किन परिस्थितियों के लिए तैयार रहना होगा।
Vehicles moving cautiously on a rain-soaked mountain highway amid heavy rainfall, lightning and low visibility in Uttarakhand.

देहरादून, 9 जुलाई। उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने बुधवार सुबह 10 बजे जारी जनपद-स्तरीय पूर्वानुमान में राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और यात्रा से पहले मौसम व सड़क की ताजा स्थिति देखने की सलाह दी है।

मौसम विभाग के अनुसार, 9 जुलाई को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में वर्षा का असर अधिक रह सकता है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर तेज से बहुत तेज बारिश और कहीं-कहीं अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है। गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी जारी की गई है।

राज्य के बाकी जिलों में भी मौसम खराब रहने के आसार हैं। यहां कुछ जगहों पर तेज बारिश, गरज-चमक और तीव्र वर्षा के दौर बन सकते हैं। विभाग ने पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने को कहा है।

10 जुलाई को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में बारिश का असर ज्यादा रह सकता है। इन जिलों में कहीं-कहीं अत्यंत तीव्र दौर बनने की संभावना है। इसी दिन देहरादून, पौड़ी और बागेश्वर जिलों में भी तेज वर्षा के आसार हैं। राज्य के अन्य जिलों में भी कुछ जगहों पर गरज-चमक और तेज बारिश हो सकती है।

11 जुलाई को देहरादून, पिथौरागढ़, ऊधमसिंह नगर, चम्पावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में मौसम सक्रिय रहने की चेतावनी है। पर्वतीय जिलों में आकाशीय बिजली चमकने और तीव्र वर्षा के दौर की संभावना है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में भी गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

12 जुलाई को बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। 13 जुलाई को बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में वर्षा का असर अधिक रहने की संभावना है। 14 और 15 जुलाई को भी प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार और तीव्र वर्षा के कारण संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़क और राजमार्ग अवरुद्ध होने, पुलों पर असर, निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी जैसी स्थिति बन सकती है। बांधों और बैराजों से जल निकासी बढ़ने पर प्रमुख नदियों और उनकी सहायक नदियों का जलस्तर भी ऊपर जा सकता है।

चारधाम यात्रा और अन्य पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और खड़ी ढलानों पर सावधानी रखें और नदी-नालों के पास जोखिम न लें।

जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रहने की सलाह दी गई है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने, किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करने और कटी हुई उपज को सुरक्षित व सूखी जगह पर रखने को कहा गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम से सामान्य तक रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया। बादल और बारिश के कारण तापमान में गिरावट बनी हुई है।

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