देहरादून, 18 जुलाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून के रेसकोर्स रोड स्थित बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य और व्यवस्था पर उनके भरोसे से जुड़ा सवाल है।
कार्यक्रम 17 जुलाई को आयोजित किया गया था। इस दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में देशभर में 7.5 करोड़ से अधिक छात्र पेपर लीक से प्रभावित हुए हैं और ऐसे 152 मामले सामने आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन मामलों में किसी को दोषी नहीं ठहराया गया। ये आंकड़े राहुल गांधी के दावे हैं, स्वतंत्र रूप से सत्यापित सरकारी आंकड़े नहीं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाएं अब संगठित रूप ले चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सक्षम लोग कथित तौर पर पहले से प्रश्नपत्र हासिल कर लेते हैं, जबकि सामान्य छात्र वर्षों की मेहनत के बाद भी नुकसान उठाते हैं।
उन्होंने पेपर लीक की स्थिति में प्रभावित छात्रों को सुरक्षा और मुआवजा देने के साथ जल्द दोबारा परीक्षा कराने की मांग की। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए राजनीतिक दलों के बीच सहमति और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था जरूरी है।
उन्होंने मौजूदा परीक्षा प्रणाली को पुराना बताते हुए छात्र-केंद्रित व्यवस्था बनाने की बात कही। इसके लिए सुरक्षित प्रश्न बैंक, अलग-अलग प्रश्नपत्र और ऐसी तकनीकी व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया, जिससे पेपर लीक की आशंका कम की जा सके।
यह भी पढ़ें: देहरादून-ऋषिकेश हाईवे परियोजना में पेड़ों की कटाई स्थगित, सभी पक्षों से दोबारा होगा संवाद
राहुल गांधी ने कहा कि किसी एक राजनीतिक दल या संगठन का शिक्षण संस्थानों पर नियंत्रण नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को समान अवसर देना होना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्रों और युवाओं से संवाद किया तथा उनकी परीक्षा और रोजगार से जुड़ी चिंताओं को सुना। कांग्रेस ने इस कार्यक्रम के जरिए पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं की पारदर्शिता को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया।
देहरादून का यह कार्यक्रम पहले परेड ग्राउंड में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के कई नेता, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र तथा युवा शामिल हुए।
यह भी पढ़ें: रामनगर-देहरादून एक्सप्रेस को दिखाई गई हरी झंडी, गढ़वाल और कुमाऊं के बीच रेल संपर्क होगा मजबूत




