मानसून में नदी किनारे वाहन न ले जाएं, रुद्रप्रयाग परिवहन विभाग ने चालकों से की अपील

मानसून के दौरान बढ़ता जलस्तर कब खतरा बन जाए, इसका अंदाजा लगाना आसान नहीं होता। ऐसे में रुद्रप्रयाग परिवहन विभाग ने वाहन चालकों के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा अपील जारी की है। आगे पढ़िए पूरी सलाह।
Assistant Regional Transport Officer Dharmendra Singh Bisht speaks about monsoon road safety as a swollen river is seen in Rudraprayag.

रुद्रप्रयाग, 18 जुलाई। मानसून के दौरान नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए रुद्रप्रयाग के सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी धर्मेंद्र सिंह बिष्ट ने वाहन मालिकों और चालकों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में, खासकर पानी का स्तर बढ़ने के दौरान, वाहनों को नदी किनारे न ले जाएं।

एआरटीओ धर्मेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि मानसून शुरू हो चुका है और इस समय नदी किनारे वाहन ले जाना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपनी सुरक्षा का ध्यान रखने और बारिश के दौरान नदियों के आसपास वाहन चलाने से बचने को कहा।

उन्होंने वाहन मालिकों से भी अपील की कि वे अपने चालकों को मानसून के दौरान जरूरी सावधानियों के बारे में जागरूक करें। बढ़ते जलस्तर के समय नदी किनारे वाहन खड़ा करने या वहां से गुजरने से बचना ही सुरक्षित विकल्प है।

परिवहन विभाग की यह अपील किसी नए प्रतिबंध या कार्रवाई से जुड़ी नहीं है। इसे मानसून के दौरान वाहन चालकों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है।

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एआरटीओ ने कहा कि वाहन चालक बारिश और नदी के जलस्तर की स्थिति को देखते हुए ही आगे बढ़ें। नदी किनारे पहले से खड़े वाहनों को भी समय रहते सुरक्षित स्थान पर ले जाने की जरूरत है, ताकि पानी बढ़ने के बाद उन्हें हटाने की स्थिति न बने।

उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ तीर्थयात्रियों और बाहर से आने वाले वाहन चालकों से भी सतर्क रहने की अपील की। मानसून में क्षेत्र की भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों की जानकारी न रखने वाले चालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

रुद्रप्रयाग जिले में कई सड़कें और यात्रा मार्ग नदियों के आसपास से गुजरते हैं। बारिश के दिनों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति को देखते हुए चालकों को नदी किनारे रुकने, वाहन खड़ा करने या वहां से गुजरने से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले में अगले दो से तीन दिनों तक बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। 18 और 19 जुलाई को जिले में कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर भी देखने को मिल सकता है, जबकि 20 जुलाई को भी बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। ऐसे में नदी किनारे वाहन ले जाने वालों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।

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