ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 74% काम पूरा, दिसंबर 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना उत्तराखंड की सबसे बड़ी और चुनौतीपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल है। अब काम 74% तक पहुंच चुका है, लेकिन लक्ष्य 2028 से बढ़कर 2029 क्यों हुआ और पहाड़ में यह रेल लाइन कितनी बदल सकती है सफर, जानिए।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना के निर्माण कार्य और रेलवे कॉरिडोर से जुड़ा दृश्य

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना का कुल 74% काम पूरा हो चुका है। रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) के अनुसार, परियोजना में सुरंग खुदाई का काम करीब 96% तक पूरा कर लिया गया है।

125 Km लंबी यह रेल परियोजना ₹37,000 करोड़ से अधिक की लागत से विकसित की जा रही है। RVNL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सलीम अहमद ने 26 मई को कंपनी की Q4 FY26 अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल में बताया कि परियोजना को दिसंबर 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

सलीम अहमद ने इसे उत्तराखंड की राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं में शामिल बताया। उनके अनुसार, यह रेल लाइन हिमालयी क्षेत्र तक पहुंच को बेहतर बनाएगी।

इससे पहले फरवरी 2026 में RVNL ने इस परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया था। अब कंपनी की ताजा जानकारी के अनुसार, परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य दिसंबर 2029 रखा गया है।

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यह रेल कॉरिडोर देश की सबसे जटिल रेल परियोजनाओं में शामिल है, क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा हिमालयी भूभाग और सुरंगों से होकर गुजरता है। परियोजना में 104 Km लंबाई की 16 मुख्य लाइन सुरंगें और करीब 98 Km लंबाई की 12 एस्केप टनल शामिल हैं।

पहले उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 99 Km मुख्य लाइन सुरंगों और 94 Km से अधिक लंबाई की 9 एस्केप टनल का काम पूरा हो चुका था। अप्रैल 2026 तक इस परियोजना पर ₹28,286.15 करोड़ खर्च हो चुके थे, जबकि मूल परियोजना लागत ₹38,953 करोड़ बताई गई थी।

परियोजना पूरी होने के बाद ऋषिकेश से देवप्रयाग, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग और कर्णप्रयाग जैसे प्रमुख स्थानों तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे गढ़वाल क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही आसान होगी और चारधाम यात्रा सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक पहुंच बेहतर हो सकेगी।

RVNL इस परियोजना सहित अपने प्रोजेक्ट्स में ड्रोन आधारित साइट निरीक्षण, डिजिटल डैशबोर्ड और फिजिकल तथा फाइनेंशियल प्रोग्रेस ट्रैकिंग जैसे तकनीकी साधनों का इस्तेमाल भी कर रहा है।

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