ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के फ्रीज जोन की होगी समीक्षा, निर्माण प्रतिबंधों पर फिर होगा विचार

लंबे समय से निर्माण प्रतिबंधों से प्रभावित क्षेत्रों के लिए राहत की संभावना पर फिर चर्चा शुरू हुई है। अब परियोजना की मौजूदा प्रगति और सुरक्षा जरूरतों के आधार पर तय होगा कि कहां नियम जारी रहेंगे और कहां बदलाव की गुंजाइश बनेगी। आगे पढ़िए समीक्षा प्रक्रिया में किन पहलुओं पर फैसला होगा।
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के निर्माण स्थल का हवाई दृश्य

देहरादून। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के आसपास घोषित फ्रीज जोन में लागू निर्माण प्रतिबंधों की समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकार ने परियोजना क्षेत्र की वर्तमान स्थिति का आकलन कर प्रतिबंधों की जरूरत पर दोबारा विचार करने का निर्णय लिया है।

समीक्षा के दौरान रेल परियोजना के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि किन स्थानों पर काम पूरा हो चुका है, कहां निर्माण जारी है और किन क्षेत्रों में परियोजना की सुरक्षा को देखते हुए प्रतिबंध बनाए रखना जरूरी है।

ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना के आसपास 400 मीटर के दायरे को फ्रीज जोन में रखा गया था। इस क्षेत्र में नए निर्माण और विकास गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया गया, ताकि रेल लाइन, सुरंगों, स्टेशनों और परियोजना से जुड़े दूसरे ढांचों की सुरक्षा प्रभावित न हो।

निर्माण प्रतिबंध लागू होने के बाद परियोजना के आसपास रहने वाले लोगों को नए मकान बनाने और पहले से प्रस्तावित निर्माण कार्य आगे बढ़ाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। होटल, होमस्टे, दुकानों और अन्य व्यावसायिक भवनों से जुड़ी योजनाएं भी प्रभावित हुईं।

स्थानीय स्तर पर लगातार मांग उठ रही थी कि जिन स्थानों पर रेल परियोजना का काम पूरा हो चुका है, वहां फ्रीज जोन के नियमों की समीक्षा की जाए। लोगों का कहना है कि सभी क्षेत्रों में एक जैसे प्रतिबंध लागू होने से स्थानीय विकास और निर्माण गतिविधियां रुक गई हैं।

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अब संबंधित विभाग परियोजना क्षेत्र की जमीनी और तकनीकी स्थिति का अध्ययन करेंगे। रेलवे सुरक्षा और भूगर्भीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह तय किया जाएगा कि किन स्थानों पर प्रतिबंध जारी रहेंगे और कहां नियमों में बदलाव की गुंजाइश है।

जिन क्षेत्रों में निर्माण से रेल परियोजना की सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ने की पुष्टि होगी, वहां कुछ राहत दिए जाने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, अभी किसी क्षेत्र से प्रतिबंध हटाने या निर्माण की अनुमति देने का अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

समीक्षा पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फ्रीज जोन का दायरा बदलेगा या मौजूदा नियमों में किसी तरह की छूट दी जाएगी। संवेदनशील और परियोजना की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निर्माण प्रतिबंध आगे भी जारी रह सकते हैं।

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