UKPSC को मिला नया अध्यक्ष, लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी को मिली जिम्मेदारी

संवैधानिक संस्थाओं में शीर्ष स्तर की नियुक्तियां केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं होतीं, बल्कि आगे की कार्यप्रणाली और निर्णय प्रक्रिया की दिशा भी तय करती हैं। नई नियुक्ति से आयोग के कामकाज और भर्ती प्रक्रियाओं पर क्या असर पड़ सकता है, समझिए...
Portrait of Lieutenant General Gajendra Joshi with a blurred Indian Army parade background following his appointment as Chairman of the Uttarakhand Public Service Commission.

देहरादून, 15 जुलाई। उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को नया स्थायी अध्यक्ष मिल गया है। लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी सेवानिवृत्त को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनके साथ डॉ. हेमचंद्र पांडे को आयोग में सदस्य बनाया गया है।

राज्य लोक सेवा आयोग में स्थायी अध्यक्ष का पद जून 2023 से खाली था। इस दौरान आयोग की जिम्मेदारी कार्यवाहक व्यवस्था के तहत चल रही थी। आयोग राज्य की महत्वपूर्ण भर्ती परीक्षाओं और चयन प्रक्रियाओं से जुड़ी संवैधानिक संस्था है। ऐसे में स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति को आयोग के कामकाज के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

नियुक्ति अधिसूचना राज्यपाल की ओर से जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार, लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से छह वर्ष की अवधि या 62 वर्ष की आयु पूरी होने तक, इनमें से जो भी पहले हो, अध्यक्ष पद पर रहेंगे।

लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी मूल रूप से चंपावत जिले के लटोली गांव के निवासी हैं। उन्होंने भारतीय सेना में 38 वर्षों से अधिक समय तक सेवा दी है। वे स्ट्राइक-1 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग और महू स्थित इन्फैंट्री स्कूल के कमांडेंट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।

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अपने सैन्य करियर में उन्होंने श्रीलंका में ऑपरेशन पवन, जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन रक्षक और पूर्वोत्तर भारत में कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में भूमिका निभाई। उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल और सेना मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग राज्य सरकार की विभिन्न सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षाएं और चयन प्रक्रिया संचालित करता है। अध्यक्ष और सदस्य की नियुक्ति के बाद आयोग के प्रशासनिक और भर्ती संबंधी निर्णयों में गति आने की उम्मीद है।

जून 2023 में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार के इस्तीफे के बाद आयोग में स्थायी अध्यक्ष का पद खाली था। इसके बाद वरिष्ठ सदस्यों ने कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली। अब नई नियुक्ति के बाद आयोग को नियमित अध्यक्ष मिल गया है।

फिलहाल लेफ्टिनेंट जनरल गजेंद्र जोशी के कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयोग की आगामी भर्ती प्रक्रियाओं, परीक्षा कार्यक्रमों और लंबित प्रशासनिक निर्णयों को लेकर आगे की कार्यवाही तेज हो सकती है।

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