उत्तराखंड: चारधाम की चार्टर्ड हेली सेवाएं बंद, नए सुरक्षा नियमों पर ऑपरेटरों का विरोध; इस सीजन में अब नहीं होंगी उड़ानें

नए सुरक्षा नियम लागू होने के बाद देहरादून से चारधाम की उड़ानें रद्द होने से बुकिंग करा चुके श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ी है। हालांकि, केदारनाथ की नियमित शटल हेली सेवाएं जारी हैं।
Stationary Char Dham charter helicopter at Sahastradhara heliport in Dehradun, representing suspended pilgrimage charter operations in Uttarakhand.

चमोली, 3 नवंबर। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में चार्टर्ड हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद कर दी गई हैं। हेलीकॉप्टर संचालकों ने नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) के नए सुरक्षा नियमों के विरोध में इस यात्रा सत्र की बाकी चार्टर्ड उड़ानें भी नहीं चलाने का फैसला लिया है। सोमवार को देहरादून के सहस्रधारा हेलीपैड से चारधाम के लिए कोई चार्टर्ड हेलीकॉप्टर रवाना नहीं हुआ। इससे पहले से बुकिंग करा चुके श्रद्धालुओं की यात्रा प्रभावित हुई है।

30 अक्टूबर को चमोली जिले के जोशीमठ क्षेत्र में हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बाद DGCA ने चारधाम की चार्टर्ड उड़ानों के लिए नए सुरक्षा निर्देश जारी किए थे। इनमें प्रत्येक उड़ान में दो पायलट रखना अनिवार्य किया गया है। यह नियम दो नवंबर से लागू हुआ, लेकिन हेलीकॉप्टर संचालकों ने इसे मौजूदा व्यवस्था में लागू करना मुश्किल बताते हुए सेवाएं बंद कर दीं।

हेलीकॉप्टर संचालकों का कहना है कि अधिकतर चार्टर्ड हेलीकॉप्टरों में यात्रियों के लिए सीमित सीटें होती हैं। दूसरा पायलट रखने से यात्रियों की संख्या घटेगी और परिचालन खर्च बढ़ेगा। कुछ हेलीकॉप्टरों में अतिरिक्त नियंत्रण उपकरण लगाने की भी जरूरत पड़ेगी। कंपनियों के अनुसार, मौजूदा किराये पर इन शर्तों के साथ सेवाएं चलाना आर्थिक रूप से संभव नहीं है।

DGCA के नए निर्देशों में दूसरे पायलट के अलावा भी कई सुरक्षा शर्तें शामिल हैं। इनमें सह-पायलट का पर्वतीय क्षेत्रों में उड़ान भरने के लिए योग्य होना, उड़ान से पहले रास्ते और गंतव्य की अनुमति लेना तथा प्रत्येक लैंडिंग के बाद पायलट रिपोर्ट देना शामिल है। इन नियमों का उद्देश्य पहाड़ी क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर संचालन को अधिक सुरक्षित बनाना है।

सोमवार को DGCA और हेलीकॉप्टर संचालकों के बीच नए नियमों को लेकर बातचीत हुई, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद संचालकों ने इस यात्रा सत्र की बाकी चार्टर्ड उड़ानें बंद रखने का निर्णय लिया। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को करीब 40 चार्टर्ड उड़ानें रद्द हुईं, जिससे लगभग 250 यात्रियों की यात्रा प्रभावित हुई। संचालकों ने रद्द उड़ानों का किराया वापस करने की बात कही है।

हालांकि, केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, फाटा और सिरसी से संचालित नियमित शटल हेलीकॉप्टर सेवाएं पहले की तरह जारी हैं। चार्टर्ड और शटल सेवाएं अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। चार्टर्ड सेवा में यात्री हेलीकॉप्टर बुक करके चारधाम यात्रा करते हैं, जबकि शटल सेवा केदारनाथ के लिए निर्धारित हेलीपैड से संचालित होती है।

चारधाम यात्रा अब अपने अंतिम चरण में है। इस वर्ष गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर, यमुनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट 11 नवंबर तथा बदरीनाथ धाम के कपाट 16 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद होने निर्धारित हैं। ऐसे में चार्टर्ड हेली सेवाएं बंद होने से यात्रा के अंतिम दिनों में हेलीकॉप्टर से दर्शन करने की योजना बना चुके श्रद्धालुओं को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ेगी।

फिलहाल चारधाम की चार्टर्ड हेली सेवाओं का संचालन दोबारा शुरू होने की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। हेलीकॉप्टर संचालकों के फैसले के अनुसार, इस यात्रा सत्र में अब चार्टर्ड उड़ानें नहीं चलाई जाएंगी।

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