देहरादून, 13 अक्टूबर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया है। वह लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) की जगह लेंगे। राष्ट्रपति सचिवालय ने 12 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति की घोषणा की। उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी, जिस दिन वह राज्यपाल पद का कार्यभार संभालेंगे।
डॉ. ढाल सिंह बिसेन मध्य प्रदेश से आते हैं और लंबे समय से सार्वजनिक व राजनीतिक जीवन से जुड़े रहे हैं। संसद के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार उनका जन्म 14 मई 1952 को मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया में हुआ था। पेशे से वह मेडिकल प्रैक्टिशनर और कृषक रहे हैं।
डॉ. बिसेन चार बार मध्य प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। वह 1990 से 2008 के बीच चार कार्यकाल के लिए विधायक रहे। वर्ष 2003 से 2004 तक वह मध्य प्रदेश सरकार में वन, परिवहन और खनन विभाग के कैबिनेट मंत्री रहे, जबकि 2004 से 2005 के बीच उन्होंने स्कूल शिक्षा और जेल विभाग की जिम्मेदारी संभाली।
वर्ष 2012 से 2013 के बीच डॉ. बिसेन मध्य प्रदेश राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष भी रहे। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में वह मध्य प्रदेश की बालाघाट सीट से सांसद चुने गए और 17वीं लोकसभा के सदस्य रहे।
उत्तराखंड के मौजूदा राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने 15 सितंबर 2021 को पद की शपथ ली थी। अब डॉ. बिसेन के कार्यभार संभालने के बाद राज्यपाल पद की जिम्मेदारी उनके पास आ जाएगी।
राष्ट्रपति सचिवालय ने उत्तराखंड के साथ अन्य राज्यों में भी राज्यपालों की नियुक्ति और स्थानांतरण की घोषणा की है। डॉ. सुधा यादव को कर्नाटक, ब्रज मोहन राम को ओडिशा और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वहीं ओम प्रकाश माथुर को सिक्किम से केरलम और राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को केरलम से तमिलनाडु स्थानांतरित किया गया है।
डॉ. बिसेन के शपथ ग्रहण और उत्तराखंड में औपचारिक रूप से कार्यभार संभालने की तारीख अलग से तय की जाएगी। कार्यभार ग्रहण करने के साथ ही उनकी नियुक्ति प्रभावी हो जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का राज्यपाल नियुक्त किए जाने पर बधाई दी है। उन्होंने उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन में योगदान का उल्लेख करते हुए नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
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