उत्तराखंड में मानसून सक्रिय, 17 जुलाई तक बारिश का पूर्वानुमान; 10 जिलों के कुछ क्षेत्रों में Flash flood का खतरा

अगले कुछ दिनों तक जारी रहने वाला यह मौसम केवल सामान्य बारिश का संकेत नहीं है। लगातार भीगी हुई मिट्टी, उफनाते नदी-नाले और संवेदनशील पहाड़ी मार्ग यात्रा, दैनिक आवागमन और नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकते हैं। किन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है और मौसम विभाग ने क्या एहतियात सुझाए हैं, आगे विस्तार से समझिए।
Heavy rainfall causes waterlogging and slow-moving traffic at a road intersection in Dehradun.

देहरादून, 11 जुलाई 2026। उत्तराखंड में मानसूनी बारिश का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने 11 से 17 जुलाई तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा जारी रहने का पूर्वानुमान जारी किया है। शनिवार को कुमाऊं मंडल के अधिकांश स्थानों और गढ़वाल मंडल के अनेक क्षेत्रों में बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार, 12 और 13 जुलाई को पर्वतीय जिलों के अनेक स्थानों तथा मैदानी जिलों के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। 14 जुलाई को हरिद्वार जिले के कुछ स्थानों और शेष जिलों के अनेक हिस्सों में बारिश का अनुमान है। 15 से 17 जुलाई तक भी प्रदेश के कई स्थानों पर गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी।

11 जुलाई को चमोली, पौड़ी, पिथौरागढ़, ऊधम सिंह नगर, चम्पावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं तेज वर्षा हो सकती है। पर्वतीय जिलों में कुछ स्थानों पर गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर आने की चेतावनी भी जारी की गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमक सकती है।

12 जुलाई को देहरादून, बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश का अनुमान है। 13 जुलाई को बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़, जबकि 14 जुलाई को देहरादून, चम्पावत, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिलों में इसी तरह का मौसम रह सकता है। 14 जुलाई को हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गरज के साथ आकाशीय बिजली की चेतावनी भी जारी की गई है।

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15 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं तेज वर्षा की संभावना है। पर्वतीय जिलों में इस दौरान भी गरज, आकाशीय बिजली और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर आने का अनुमान है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में कहीं-कहीं बिजली चमक सकती है।

लगातार वर्षा के दौरान संवेदनशील इलाकों में हल्के से मध्यम भूस्खलन और चट्टान गिरने की आशंका जताई गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में कहीं-कहीं सड़कें और राजमार्ग बाधित हो सकते हैं। छोटे नदी-नालों के उफान पर आने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और पहाड़ी मार्गों पर सावधानी से यात्रा करने की सलाह दी है। नदी-नालों के पास रहने वाले लोगों और बस्तियों को जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी को लेकर भी सावधान रहने को कहा गया है।

फ्लैश फ्लड आउटलुक के मुताबिक, 12 जुलाई सुबह 5:30 बजे तक अल्मोड़ा, बागेश्वर, चमोली, चम्पावत, देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, टिहरी गढ़वाल और उत्तरकाशी जिलों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों और आसपास के इलाकों में निम्न से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड जोखिम बना रह सकता है। पूरी तरह भीगी हुई मिट्टी वाले क्षेत्रों और निचले इलाकों में सतही बहाव तथा जलभराव बढ़ने की आशंका है।

आकाशीय बिजली और गरज के दौरान लोगों को घरों या पक्के भवनों के भीतर रहने, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने तथा बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहने की सलाह दी गई है। पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और पशुओं को खुले स्थानों पर नहीं बांधने को भी कहा गया है।

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